राष्ट्रपति भवन में वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम का भव्य स्वागत, आज होंगी कई अहम बैठकें

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नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम को बुधवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के साथ भव्य स्वागत दिया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने वियतनाम और भारत के राष्ट्रीय ध्वज लहराकर मेहमान नेता का अभिनंदन किया।

राष्ट्रपति टो लाम मंगलवार को बिहार के गया पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की। वहीं, दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।

इससे पहले मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने राष्ट्रपति टो लाम से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस बैठक में भारत-वियतनाम संबंधों को और सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति टो लाम की यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देगी। इस वर्ष भारत और वियतनाम अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, जो 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान स्थापित हुई थी।

राष्ट्रपति टो लाम (जो वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव भी हैं) 7 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति टो लाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी उनसे मुलाकात करेंगी, जबकि अन्य वरिष्ठ नेता भी उनसे भेंट कर सकते हैं।

अपने दौरे के तहत राष्ट्रपति टो लाम मुंबई भी जाएंगे, जहां वह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का दौरा करेंगे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और एक बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, जो समय के साथ और मजबूत हुए हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलने और संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।