भोपाल, 5 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर अटकलों को हवा दी।
उन्होंने कहा कि अगर केंद्रीय नेतृत्व किसी तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने का फैसला करता है, तो सत्ताधारी पार्टी उसकी जीत भी सुनिश्चित कर सकती है।
यह बयान भाजपा द्वारा 18 जून को मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य के वरिष्ठ नेता रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित करने के एक दिन बाद आया है। वहीं, कांग्रेस ने पूर्व लोकसभा सांसद और कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है।
विजयवर्गीय ने इंदौर में पत्रकारों से बात करते हुए उम्मीदवारों के चयन के लिए भाजपा नेतृत्व का धन्यवाद किया और कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने दो बेहतरीन उम्मीदवारों को चुना है।
उन्होंने कहा, “ये दोनों निश्चित रूप से जीतेंगे, लेकिन अगर पार्टी किसी तीसरे उम्मीदवार के बारे में फैसला करती है, तो हम उनकी जीत भी सुनिश्चित करेंगे।”
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने कई वर्षों तक संगठन के लिए पर्दे के पीछे रहकर काम किया है और उनका नामांकन उनके योगदान को मान्यता देने जैसा है।
इस बयान ने 230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में राजनीतिक दलों की संख्याबल की ओर ध्यान खींचा है। कुल 230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में एक राज्यसभा सीट के लिए 58 विधायकों की आवश्यकता होती है। भाजपा के पास 165 विधायक हैं और उसके पास 49 अतिरिक्त वोट बचेंगे, जिनका इस्तेमाल वह तीसरे उम्मीदवार के लिए कर सकती है।
कांग्रेस की प्रभावी संख्या 62 विधायक हैं, जो मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजने के लिए आवश्यक संख्या से चार अधिक हैं। हालांकि, अगर कांग्रेस के 10 विधायकों के वोट अमान्य घोषित कर दिए जाते हैं या वे वोटिंग से दूर रहते हैं, तो भाजपा का तीसरा उम्मीदवार जीत सकता है। विधानसभा की एक सीट भारतीय आदिवासी पार्टी के पास है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजयवर्गीय के बयान से संकेत मिलता है कि भाजपा अपने विकल्प खुले रख रही है, भले ही मौजूदा आंकड़े भाजपा के दो और कांग्रेस के एक उम्मीदवार की जीत की ओर इशारा कर रहे हों। यदि भाजपा का तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा जाता है, तो चुनाव अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है, जिसमें अतिरिक्त वोट, वोटिंग से दूरी और प्राथमिकता वाले वोटों का हस्तांतरण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

