तिरुवनंतपुरम, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल ममकूटथिल ने सोमवार को सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता पिनाराई विजयन पर पलटवार किया। उन्होंने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री से कहा कि वे कांग्रेस में उनकी भूमिका पर सवाल उठाने के बजाय सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामले में खुद, अपनी बेटी वीणा और दामाद मोहम्मद रियास के लिए जमानत हासिल करने पर ध्यान दें।
ममकूटथिल ने सोशल मीडिया पर एक कड़े शब्दों वाली पोस्ट में कहा, “मिस्टर विजयन, मुझे आपकी और आपकी किचन कैबिनेट की हिस्ट्री याद न दिलानी पड़े, ऐसा न करें।” उन्होंने यह बात सोमवार को विधानसभा में विजयन की उस टिप्पणी के जवाब में कही, जिसमें विजयन ने पथानामथिट्टा जिले के अडूर में कांग्रेस और पुलिस पर पूर्व विधायक के प्रभाव का जिक्र किया था।
पूर्व विधायक राहुल ममकूटथिल ने कहा, “मेरे मामलों में दखल देने के बजाय मिस्टर विजयन, पहले आप खुद, अपनी बेटी और दामाद के लिए उस मामले में जमानत लें जो गैर-कानूनी पैसे लेने से जुड़ा है।”
यह तीखी बहस उस दिन हुई, जब विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो ने सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामले में एफआईआर दर्ज की, जिसमें विजयन को पहला और उनकी बेटी टी. वीना को दूसरा आरोपी बनाया गया।
विजयन के इस आरोप को चुनौती देते हुए कि कांग्रेस से बाहर हो चुका एक व्यक्ति अडूर में पार्टी को कंट्रोल कर रहा है और वहां पुलिस के कामकाज को प्रभावित कर रहा है, ममकूटथिल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अडूर में कांग्रेस को वहां के विधायक और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी, जिला कांग्रेस कमेटी और ब्लॉक कमेटियों के स्थानीय नेता कंट्रोल करते हैं, न कि वह।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अपने अधिकारियों के प्रति जवाबदेह होती है, जिनमें सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी), डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस और सर्कल इंस्पेक्टर शामिल हैं।
अपनी भूमिका के बारे में ममकूटथिल ने कहा कि वह पहले ही साफ कर चुके हैं कि अगर उनके साथियों पर कोई मुसीबत आती है, तो वह उनके साथ खड़े रहेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान भी देनी पड़े।
विजयन के परिवार पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल किया कि वीना की कंपनी को किए गए भुगतान से जुड़े आरोपों के कारण डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) कार्यकर्ताओं को पुलिस की कार्रवाई और जेल का सामना क्यों करना पड़ा और पूछा कि उनका सीपीआईएम से क्या संबंध है।
विजयन ने विधानसभा में अपने भाषण में ममकूटथिल का नाम लिए बिना सवाल किया था कि अडूर में रात के मार्च के दौरान पुलिस की गाड़ी में घुसकर हमला किसने किया था और आरोप लगाया था कि पुलिस ऐसे व्यक्ति के निर्देशों पर काम कर रही थी जो कांग्रेस का सदस्य भी नहीं है।
ये टिप्पणियां अडूर में डीवाईएफआई और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच लगातार हो रही झड़पों के बीच आईं। इस हिंसा में ममकूटथिल और सीपीआईएम के अडूर एरिया सेक्रेटरी मनोज समेत कई लोग घायल हो गए थे। ममकूटथिल को पिछले साल तीन महिलाओं द्वारा यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगने के बाद कांग्रेस से निकाल दिया गया था। उन्हें एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और जमानत मिलने से पहले वे कई दिन जेल में रहे थे।
बाकी दो मामलों में उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई थी। इस ताजा घटनाक्रम ने दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक दुश्मनी में एक और अध्याय जोड़ दिया है। इन दोनों नेताओं के बीच तब भी टकराव हुआ था, जब ममकूटथिल एमएलए थे और विजयन मुख्यमंत्री थे।
