हैदराबाद, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को कांग्रेस के उस दावे पर पलटवार किया, जिसमें यह कहा गया था कि केंद्र सरकार छात्रों की चिंता को लेकर बैकफुट पर आ चुकी है। खासकर, उन छात्रों को लेकर जो पेपर लीक और विरोध-प्रदर्शन में संलिप्त रहे।
भाजपा ने तर्क दिया कि विपक्षी दलों ने ही हाल में संपन्न हुए मानसून सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा को बाधित किया। इसी वजह से चर्चा संपन्न नहीं हो पाई।
भाजपा की यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में सामने आई, जब कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी के साथ बैठक के बाद यह दावा किया था कि विपक्षी दलों की वजह से केंद्र सरकार मौजूदा समय में दबाव का सामना कर रही है। विपक्षी दल राष्ट्र से संबंधित कई मुद्दों को लेकर, जिसमें पेपर लीक और छात्रों का प्रदर्शन शामिल है, इन मुद्दों को लेकर विपक्षी दल केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद हुई प्रेसवार्ता में वेणुगोपाल ने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों से निपटने के लिए सरकार ने जिस तरह का रास्ता अपनाया, उसके बाद जिस तरह से लोकसभा और राज्यसभा का सत्र बुलाया गया। इस सत्र में विपक्षी दलों ने जिस तरह से मुद्दे उठाए, उसे देखते हुए यह साफ कहा जा सकता है कि संसद का यह सत्र विपक्षी दलों के लिए 100 फीसद सफल रहा।
भाजपा प्रवक्ता टीआर श्रीनिवास ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “कांग्रेस वर्किंग कमेटी में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार अब छात्रों के सम्मान की वजह से बैकफुट पर है। वेणुगोपाल सच में आप सरकार के फैसले और नीतियों से पूरी तरह से अछूते हैं।”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली और विभिन्न परीक्षाओं में बरती जा रही अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार ने इस पूरे मामले में जवाबदेही तय की और पूरी प्रणाली को दुरूस्त करने की दिशा में कदम भी उठाए। अगर हम इतने ही बेमेल थे, तो आखिर हमने अपने तत्कालीन शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने के लिए क्यों कहा? हमने क्यों पूरी स्थिति को दुरूस्त करने का आदेश दिया और पूरी एनटीए में सुधार करने का आदेश दिया?
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जो भी छात्र समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें सहायता की जरूरत है, राजनीतिक शोषण की नहीं। भाजपा छात्रों की समस्याओं पर ध्यान दे रही है। भाजपा उनकी समस्याओं का सहारा लेकर किसी प्रकार की राजनीति नहीं कर रही है।
श्रीनिवास ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि ये लोग संसद में छात्रों से जुड़े मुद्दे को उठाने में विफल रहे हैं। विपक्षी दलों के पास मानसून सत्र के दौरान पर्याप्त समय था, जहां पर वो छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठा सकते थे, लेकिन अफसोस की बात है कि इन लोगों ने ऐसा बिल्कुल भी नहीं किया।

