भोपाल, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।
अचानक होने वाली बारिश दशहरा के जश्न में खलल डाल सकती है।
भोपाल और आसपास के इलाकों में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि, कहीं-कहीं आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि हवा की गति 8-10 किमी प्रति घंटा रह सकती है।
इस अलर्ट में भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी और दतिया शामिल हैं।
सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों के कुछ इलाकों में भी आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है।
मंगलवार सुबह के मौसम आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर संभागों के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहा।
सभी संभागों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। चंबल संभाग के जिलों में यह सामान्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा, जबकि जबलपुर संभाग में सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। बाकी जगहों पर तापमान सामान्य के आसपास बना रहा।
भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और सागर संभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.3-2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जबकि नर्मदापुरम और शहडोल संभागों में यह सामान्य से 3.5 से 4.4 डिग्री सेल्सियस तक काफी अधिक दर्ज किया गया।
नर्मदापुरम के पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रतलाम में सबसे अधिक तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
अन्य जगहों पर भी न्यूनतम तापमान कम रहा, जिनमें करौंदी (17.8 डिग्री सेल्सियस), मलांजखंड (18.1 डिग्री सेल्सियस), छिंदवाड़ा (18.2 डिग्री सेल्सियस) और ग्वालियर (18.3 डिग्री सेल्सियस) शामिल हैं।
खरगोन (35.6 डिग्री सेल्सियस), खंडवा (35.5 डिग्री सेल्सियस) और मंदसौर (35.1 डिग्री सेल्सियस) में अधिकतम तापमान अधिक दर्ज किया गया।
आईएमडी ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान वे घर के अंदर रहें, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, और खुले मैदानों में बाहर का काम करने से बचें।
किसानों से कहा गया है कि वे खेतों में पानी की निकासी का उचित प्रबंध करें, बारिश या तेज हवा के दौरान सिंचाई और छिड़काव (स्प्रे) का काम टाल दें, और लंबे पौधों को सहारा दें ताकि वे गिर न जाएं।
अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
