पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस को दिया गायों की तस्करी पर निगरानी बढ़ाने का निर्देश

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कोलकाता, 11 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सत्ता में आने के बाद राज्य में गायों की तस्करी रोकने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में जिला पुलिस को भी कड़ा संदेश दिया गया है।

नई सरकार के पहले कार्य दिवस पर गायों की तस्करी पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक हलकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि किसी भी कीमत पर गायों की तस्करी को रोका जाए।

यह भी कहा गया है कि अवैध गाय बाजारों को चलने की अनुमति नहीं दी जा सकती और उन पर नजर रखी जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त निगरानी का आदेश दिया गया है कि कोई भी अवैध बाजार न खुले।

सरकार ने राज्य पुलिस को भी इसी तरह का संदेश दिया है। इसके बाद, राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने भी यह संदेश जिला पुलिस तक पहुंचाया।

यह ध्यान देने योग्य है कि तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल का नाम गायों की तस्करी के मामले से जुड़ा था। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 2022 में उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में, उनकी बेटी का नाम भी इस मामले से जुड़ा। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया। पिता और बेटी, दोनों को तिहाड़ जेल में रखा गया था। हालांकि दोनों को इस मामले में जमानत मिल गई।

इस बीच, मालदा जिले में गायों से भरे तीन ट्रक जब्त किए गए हैं। आरोप है कि इन जानवरों को तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था।

गांव वालों ने इन वाहनों को देखा और उन्हें रोक लिया। बाद में, पुलिस और केंद्रीय बल घटनास्थल पर पहुंचे। यह घटना गजोल कडुबारी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 12 पर स्थित बस स्टैंड पर हुई।

स्थानीय निवासी मिंटू साहा ने मीडियाकर्मियों से कहा कि राज्य सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि गायों से जुड़ा कोई भी व्यापार नहीं किया जा सकता। कुछ लोग अलग-अलग बाजारों से गायें खरीदकर उन्हें तीन ट्रकों में ले जा रहे थे। एक ट्रक में आठ गायें थीं, दूसरे ट्रक में पांच और तीसरे ट्रक में तीन गायें थीं।

भाजपा ने सत्ता में आने से पहले राज्य में गायों की तस्करी रोकने और गायों की तस्करी पर निगरानी रखने के लिए एक अलग दस्ता बनाने का वादा किया था।