Tuesday, July 28, 2026
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कोलकाता: कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर 5 अगस्त को लालबाजार तक कांग्रेस का मार्च

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कोलकाता, 28 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस ने राज्य में कथित तौर पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था, विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमलों और उनके खिलाफ दर्ज किए गए कथित फर्जी मामलों के विरोध में 5 अगस्त को कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार तक मार्च निकालने का ऐलान किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मंगलवार को कहा कि 5 अगस्त को दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोग कलकत्ता विश्वविद्यालय के सामने एकत्र होंगे। वहां से शांतिपूर्ण जुलूस निकालकर लालबाजार तक मार्च किया जाएगा और कोलकाता पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

शुभंकर सरकार ने बताया कि कांग्रेस पहले विभिन्न थानों का घेराव और विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रही थी, लेकिन राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लालबाजार मार्च का फैसला लिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि 21 जुलाई को शहीद मीनार में आयोजित कांग्रेस के शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न जिलों से कोलकाता आ रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोका गया और उन पर हमले किए गए। उनके मुताबिक, कई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई, वे घायल हुए और कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा समर्थकों ने कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया, उनके साथ मारपीट की और खाने-पीने का सामान तक लूट लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के बावजूद पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।

उन्होंने कहा कि लालबाजार मार्च के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था सुधारने, विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मामलों को वापस लेने और राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।

शुभंकर सरकार ने हाल में कोलकाता में हुए छात्र आंदोलन और पत्रकारों पर हुए हमलों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने पत्रकारों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस घटना में कांग्रेस के छात्र और युवा विंग के कार्यकर्ता शामिल नहीं थे। इसके बावजूद आंदोलन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी मामले दर्ज किए गए और उनकी गिरफ्तारियां की गईं।