अदन, 1 सितंबर (आईएएनएस)। यमन सरकार ने मंगलवार को दावा किया कि इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकी संगठन का आधिकारिक प्रवक्ता अबू हुज़ैफा अल-अंसारी संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान में मारा गया। यह अभियान यमनी सुरक्षा बलों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की विशेष बलों ने मिलकर चलाया।
सरकारी टीवी चैनल सबा ने केंद्रीय राज्य सुरक्षा एजेंसी के हवाले से बताया कि अभियान का उद्देश्य अल-अंसारी को जीवित पकड़ना था, लेकिन कार्रवाई के दौरान वह मारा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की स्पेशल फोर्सेज को यमन की 22वीं काउंटर टेररिज्म यूनिट का सहयोग मिला। हालांकि, एजेंसी ने अभियान की जगह और अन्य परिचालन संबंधी जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
स्थानीय सैन्य सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे दक्षिण-पूर्वी हदरमौत प्रांत के सैयून शहर में की गई। सुरक्षा बलों ने अल-हौटा इलाके के एक पुराने मिट्टी के मकान को निशाना बनाया, जहां अल-अंसारी ठहरा हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि अल-अंसारी अभियान में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। इस कार्रवाई में मकान में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी मारा गया। अभियान के दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि छापेमारी के समय सैयून शहर में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष और अस्थिरता का फायदा उठाकर अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला और आईएस जैसे आतंकी संगठन देश के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं।
इस बीच यमन सरकार ने यह भी दावा किया कि उसकी नौसेना ने लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के पास स्थित सरकारी नियंत्रण वाले द्वीपों की ओर बढ़ रही हूती विद्रोहियों की चार विस्फोटकों से लदी नौकाओं को रोक लिया।
सरकारी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, नौकाएं रणनीतिक हनिश और ज़ुकर द्वीपों की ओर बढ़ रही थीं, जिन्हें यमनी नौसेना ने बीच रास्ते में रोक दिया। सैन्य सूत्रों का कहना है कि रविवार और सोमवार को भी हूती नौकाओं की गतिविधियां दर्ज की गई थीं। हालांकि, हूती समूह ने इन दावों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
