Wednesday, August 19, 2026
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फ्री डिलीवरी के लिए जेप्टो ने बढ़ाई न्यूनतम ऑर्डर राशि, अब 199 रुपए से लेकर 299 रुपए तक करना होगा ऑर्डर

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नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। क्विक-कॉमर्स कंपनी जेप्टो ने फ्री डिलीवरी पाने के लिए न्यूनतम ऑर्डर मूल्य (मिनिमम ऑर्डर वैल्यू) बढ़ा दिया है। कंपनी ने सामान्य समय में इसे 149 रुपए से बढ़ाकर 199 रुपए कर दिया है, जबकि अधिक मांग (पीक डिमांड) के दौरान यह सीमा 299 रुपए तक पहुंच रही है। इस बदलाव के साथ जेप्टो की फ्री डिलीवरी नीति अब प्रतिस्पर्धी कंपनियों ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट के समान स्तर पर आ गई है।

ग्राहकों के अनुसार, पहले जहां 149 रुपए के ऑर्डर पर फ्री डिलीवरी मिल जाती थी, वहीं अब सामान्य परिस्थितियों में कम से कम 199 रुपए का ऑर्डर देना होगा। मांग अधिक होने के समय यह न्यूनतम सीमा बढ़कर 299 रुपए तक हो जाती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्विक-कॉमर्स कंपनियां अपने कारोबार की लाभप्रदता बढ़ाने और डिलीवरी लागत को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं। बढ़ी हुई न्यूनतम ऑर्डर राशि से ग्राहकों को अपनी खरीदारी सूची में अधिक उत्पाद जोड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे औसत ऑर्डर मूल्य बढ़ सकता है और कंपनियों की प्रति ऑर्डर कमाई में सुधार हो सकता है।

हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो केवल कुछ आवश्यक वस्तुओं की त्वरित डिलीवरी के लिए छोटे मूल्य के ऑर्डर देते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की खरीदारी आदतों की परीक्षा अब इस नई व्यवस्था में हो सकती है।

जेप्टो का यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाता है। फ्री डिलीवरी लिमिट को लेकर कंपनियां लगातार अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रही हैं, ताकि ग्राहक बनाए रखने के साथ-साथ लाभप्रदता भी बढ़ाई जा सके।

इस वर्ष मार्च में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। शुल्क बढ़ाकर प्रति ऑर्डर लगभग 14.90 रुपए कर दिया गया था, जो पहले 12.50 रुपए था।

जोमैटो के बाद स्विगी ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई थी। कंपनी ने शुल्क को लगभग 17 प्रतिशत बढ़ाकर 17.58 रुपए प्रति ऑर्डर कर दिया था, जो पहले 14.99 रुपए था।

ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियां लगातार डिलीवरी शुल्क, न्यूनतम ऑर्डर सीमा और अन्य मूल्य निर्धारण उपायों में बदलाव कर रही हैं, जिसका उद्देश्य बढ़ती परिचालन लागत के बीच मुनाफा सुधारना है, जबकि दूसरी ओर ग्राहकों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़े रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण बना हुआ है।