नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान सुनील कुमार का मानना है कि टीम आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए पूरी तरह तैयार है। लंबे समय तक चले ट्रेनिंग प्रोग्राम से खिलाड़ियों को कॉम्बिनेशन बनाने, रणनीति पर काम करने और अपनी व्यक्तिगत स्किल्स को बेहतर करने में मदद मिली है।
27 वर्षीय राइट डिफेंडर सुनील कुमार भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। सुनील पिछले एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे। इस बार वह अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं से सजी टीम की अगुवाई करेंगे। मौजूदा 12 सदस्यीय टीम में हांग्जो में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम के चार खिलाड़ी शामिल हैं, जो सुनील, अर्जुन देशवाल, असलम इनामदार और पवन सहरावत हैं।
टीम में प्रो कबड्डी लीग के जाने-माने खिलाड़ी जैसे आशु मलिक, जयदीप दहिया, देवांक दलाल और राहुल सेठपाल भी हैं, जबकि अयान लोहचब युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। सुनील ने कहा कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और कबड्डी फेडरेशन ने टीम का कैंप छह से आठ महीने पहले ही शुरू कर दिया था, जिससे खिलाड़ियों को अपने कॉम्बिनेशन और रणनीति पर काम करने के लिए पर्याप्त समय मिला।
सुनील ने साई मीडिया से कहा, “तैयारी बहुत अच्छी रही है क्योंकि हमारे फेडरेशन और साई ने छह से आठ महीने पहले ही कैंप शुरू कर दिया था। हमने टीम के कॉम्बिनेशन और रणनीति की अच्छी योजना बनाई है। हमने पहले साई बेंगलुरु में प्रैक्टिस की, फिर ट्रेनिंग के लिए बेल्लारी गए, और फिर हमारा कैंप साई गांधीनगर में रहा।”
लंबे समय तक चली तैयारी से खिलाड़ियों को अपनी भूमिकाओं को समझने और टीम की रणनीतिक सोच के बारे में बेहतर समझ बनाने में भी मदद मिली है। भारत कबड्डी में अपने शानदार रिकॉर्ड को आगे बढ़ाते हुए एशियन गेम्स में उतरेगा। पुरुष टीम ने पिछले एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था, और सुनील, अर्जुन, असलम और पवन उस अभियान का हिस्सा थे।
सुनील ने कहा, “हमारे सीनियर खिलाड़ियों ने टीम को एक अलग पहचान दी और भारत के लिए कई गोल्ड मेडल जीते। हम उस विरासत को बनाए रखना चाहते हैं, भारत के खाते में एक और गोल्ड मेडल जोड़ना चाहते हैं और उस रास्ते पर चलना चाहते हैं जो हमारे दिग्गजों ने बनाया है।” कप्तान ने टीम के तौर पर मिलकर खेलने की अहमियत पर भी जोर दिया, क्योंकि भारत के पास रेडिंग और डिफेंस दोनों में मजबूती है। उन्होंने कहा, “सिर्फ एक खिलाड़ी की कोशिश से जीत नहीं मिल सकती। इस बार, हमारी रेडिंग और डिफेंस दोनों ही टीमें काफी मजबूत हैं। हमारी टीम में कबड्डी के बेहतरीन खिलाड़ी हैं, चाहे रेडर्स हों या डिफेंडर्स।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने पूरी तैयारी कर ली है। हमने अपनी रणनीति, टीम कॉम्बिनेशन, फिटनेस और व्यक्तिगत स्किल्स पर काम किया है। अब प्रतियोगिता के दौरान हमें इन सभी चीजों को सही ढंग से लागू करना होगा। सिर्फ एक खिलाड़ी की कोशिश काफी नहीं होगी। सभी को योगदान देना होगा। हमारे रेडर्स, डिफेंडर्स और ऑलराउंडर्स को एक टीम के तौर पर मिलकर काम करना होगा।” कबड्डी प्रतियोगिता आइची प्रीफेक्चर के टोकाई शहर में टोकाई सिटिजन जिम्नेजियम में होगी। भारत का अभियान 21 सितंबर से शुरू होगा और फाइनल 26 सितंबर को खेला जाना है।
