Saturday, June 27, 2026
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    आईसीएआई स्केलअप इंडिया समिट 2026 से स्टार्टअप्स और एमएसएमई को मिलेगी नई उड़ान, निवेश और फंडिंग के लिए मिला बड़ा प्लेटफॉर्म: उद्योग जगत

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    मुंबई, 27 जून (आईएएनएस)। मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर (बीकेसी) में आयोजित आईसीएआई स्केलअप इंडिया समिट 2026 में स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार और आईसीएआई के केंद्रीय परिषद सदस्य ज्ञानचंद मिश्रा ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात की और कहा कि इस समिट का उद्देश्य नए उद्यमियों को सही मार्गदर्शन, निवेश, बैंकिंग सहायता और विशेषज्ञों से जोड़कर उनके व्यवसाय को नई दिशा देना है।

    आईएएनएस से बातचीत में आईसीएआई के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार ने बताया कि यह दो दिवसीय समिट खास तौर पर एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि देश में कई ऐसे युवा उद्यमी हैं जिनके पास बेहतरीन बिजनेस आइडिया तो हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि कारोबार की शुरुआत कैसे करें और आगे कैसे बढ़ें। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस मंच पर संभावित उद्यमियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, बैंकरों, मेंटर्स, इनक्यूबेटर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को एक साथ लाया गया है।

    उन्होंने बताया कि समिट के दौरान स्टार्टअप्स से फंडिंग के लिए 106 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों की विशेषज्ञ टीम द्वारा समीक्षा की गई, जिसके बाद 12 स्टार्टअप्स का चयन किया गया। इन चयनित स्टार्टअप्स को निवेशकों, बैंकरों और मेंटर्स के सामने अपने बिजनेस मॉडल की प्रस्तुति देने का अवसर मिला। यदि निवेशकों को ये प्रस्ताव उपयुक्त लगते हैं तो आवश्यक ड्यू डिलिजेंस के बाद वे इन स्टार्टअप्स में निवेश करेंगे, जिससे उन्हें अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    प्रसन्ना कुमार ने आईएएनएस से कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर पर ही सही सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने विचारों को सफल व्यवसाय में बदल सकें। उन्होंने कहा कि भारत के अधिकांश स्टार्टअप्स भारतीय सोच और नवाचार पर आधारित हैं, जिन्हें देश में लागू करने के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी बड़ी संभावनाएं हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि देश में 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स अपने पेटेंट दर्ज करा चुके हैं। कई स्टार्टअप्स ऐसे नए और अभिनव उत्पाद विकसित कर रहे हैं, जिनकी वैश्विक स्तर पर भी अच्छी मांग बन सकती है। उनका कहना था कि ऐसे नवाचार भारत के निर्यात को भी नई गति देंगे और ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘मेड इन इंडिया’ अभियान को और मजबूती मिलेगी।

    वहीं, आईसीएआई के केंद्रीय परिषद सदस्य ज्ञानचंद मिश्रा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह दो दिवसीय सम्मेलन स्टार्टअप्स और एमएसएमई को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। पहले दिन का फोकस स्टार्टअप्स पर रहा, जबकि दूसरे दिन एमएसएमई से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

    उन्होंने बताया कि सम्मेलन में स्टार्टअप्स को यह समझाया गया कि वे अपने कारोबार की शुरुआत कैसे करें, निवेश कैसे प्राप्त करें, बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया क्या है और अपने व्यवसाय को मुख्यधारा में कैसे स्थापित करें। इसके अलावा एमएसएमई के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

    मिश्रा ने आईएएनएस से कहा कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में करीब 3,500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का उद्देश्य नए उद्यमियों और स्टार्टअप्स को सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और विशेषज्ञों का सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि उनके व्यवसाय को तेज गति से आगे बढ़ाया जा सके और वे देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।