ईंधन की बढ़ती कीमतों पर बोले एनडीए के नेता, वैश्विक परिस्थितियों का है असर, राहत देने की कोशिशें जारी

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नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर एनडीए के नेताओं ने वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया है। केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात की वजह से ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन सरकार जनता को राहत देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी पर बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, “मौजूदा वैश्विक हालात की वजह से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। सरकार और संबंधित एजेंसियां जनता को राहत देने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि संकट है और लोगों पर इसका कुछ असर पड़ना लाजिमी है, लेकिन भारत के पास पेट्रोलियम भंडार हैं, जिन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। हालात को संभालने के लिए जरूरी कदम उठाने पर भी विचार किया जा रहा है।”

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “पिछले कई महीनों से वैश्विक संकट के कारण लगातार अस्थिरता बनी हुई है और कच्चे तेल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, पेट्रोलियम उत्पादों पर पड़ने वाला बोझ अभी तक बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा है। इसी के चलते प्रधानमंत्री ने विशेष उत्पाद शुल्क हटा दिया है और पूरे देश के लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की है। उन्होंने खुद भी अपने सरकारी काफिले में वाहनों का इस्तेमाल कम कर दिया है और देशवासियों से भी इसी तरीके को अपनाने का आग्रह किया है।”

उन्होंने कहा, “इससे पहले सरकार ने इस मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। यह वैश्विक संकट पिछले कई महीनों से जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। भारत ने इस मामले में सहयोग और समझदारी दिखाई। इसलिए पहले ही दिन से प्रधानमंत्री संभालने के लिए उचित कदम उठा रहे हैं।”

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा, “देखिए, पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय हालात काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। खासकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की वजह से तेल बाजार प्रभावित हुआ है। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। हमने देखा है कि अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ी हैं। यह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सोच का ही नतीजा है कि इन वैश्विक दबावों के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें उतनी तेजी से नहीं बढ़ी हैं, जितनी दूसरी जगहों पर बढ़ी हैं।”

उन्होंने कहा, “क्या पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ी थीं? पहले भी एक ही साल में कीमतें काफी तेजी से बढ़ी थीं। ऐसा लगता है जैसे पहले कीमतें कभी बढ़ी ही न हों। आज क्या हालात सभी के सामने साफ नहीं हैं? यह ‘राष्ट्र प्रथम’ का मामला है, यह किसी पार्टी या सरकार का मामला नहीं है।”