वाशिंगटन, 20 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। दोनों देशों के बीच जारी इस सैन्य टकराव में अब तक तीन अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। अमेरिकी सरकार ने इन ताजा हमलों को हाल ही में मारे गए अपने तीन सैनिकों को श्रद्धांजलि बताया है। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया कि वैश्विक प्रतिबंधों के कारण ईरान की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
मार्को रुबियो ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “ईरान की अर्थव्यवस्था खराब हालत में है। वहां 300 फीसदी महंगाई है, खासकर जिंदगी के लिए जरूरी चीजों पर। वहां खाने की कमी है। वहां सूखा है, जो हमने नहीं डाला। वहां गैसोलीन और फ्यूल की कमी है। वे लोगों को सैलरी तक नहीं दे पा रहे हैं।”
रुबियो ने कहा कि ये सारी समस्या इन सबके (हमलों के) शुरू होने से पहले से थीं। अब ये और खराब हो गई हैं। ये और खराब होती जाएंगी। ईरान की इस स्थिति का एक कारण यह है कि वहां की सरकार को जो भी पैसा मिलता है, चाहे वह बैन में राहत के जरिए हो या तेल के जरिए जो वे निकाल पाते हैं, वे उसे हिज्बुल्लाह में निवेश करते हैं। वे उसे हमास में निवेश करते हैं। वे इराक, हिज्बुल्लाह और हमास में मिलिशिया को समर्थन करने में अरबों डॉलर खर्च करते हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपने देश को बनाने में लाखों डॉलर खर्च करने चाहिए। लेकिन इसके बजाय, वे इसे आतंकवाद के बक्से में बंद कर रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि ईरान के अंदर इस बारे में जागरूकता बढ़ रही है। उनकी सरकार में कुछ लोगों के बीच भी इस बारे में जागरूकता बढ़ रही है। असल में, हमने उनकी सरकार के कुछ लोगों से यह सुना है। लेकिन जाहिर है, यहां एक तनाव है।

