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ईरान को ऐसी ताकत बनना जरूरी, जिस पर हमला करने की हिम्मत न करे दुश्मन: पेजेश्कियन

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नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने उन्नत तकनीकों को विकसित करने की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने कहा है कि उनका देश उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने की इच्छा रखता है, ताकि कोई भी दुश्मन ईरान पर हमला करने का साहस न जुटा सके। उन्होंने मिसाइल निर्माण सहित उन्नत तकनीकों में देश की हालिया उपलब्धियों को ईरान के मानव संसाधन और वैज्ञानिक क्षमताओं का प्रमाण बताया।

अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, पेजेश्कियन शनिवार को तेहरान के पास इस्लामशहर में स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर कई धर्मगुरु और शिक्षा जगत की जानी मानी शख्सियतें मौजूद थीं। इस दौरान उन्होंने कहा, “ईरान ने तकनीकी विकास के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन देश को मौजूदा स्थिति से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है।”

प्रांतीय गवर्नरों, अधिकारियों, इमामों, विभिन्न परिवारों और सभी संबंधित लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, “ईरान के भविष्य का सम्मान या अपमान इन्हीं बच्चों पर निर्भर करता है। हमें मिलकर एक ऐसी पीढ़ी तैयार करनी होगी जो संवेदनशील, नैतिक, रचनात्मक और सक्षम हो, तथा जो बातचीत के लिए तैयार रहे। एक ऐसी पीढ़ी जो केवल नारों से नहीं, बल्कि अपने कार्यों से देश की समस्याओं का समाधान करे।”

पेजेश्कियन ने कहा, “हम इससे कहीं बेहतर कर सकते हैं, ताकि ईरान ऐसी स्थिति में पहुंच जाए, जहां कोई दुश्मन उस पर हमला करने की हिम्मत न करे।” उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि सक्षम और योग्य लोगों को तैयार करने में शिक्षा की बुनियादी भूमिका है।

इस बीच, ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने चेतावनी दी है कि “दुश्मन के खतरों को कम करके आंकना नहीं चाहिए।” यह बात देश की समाचार एजेंसी आईएसएनए द्वारा जारी एक बयान में कही गई है।

बयान में आगे कहा गया कि “मौजूदा समस्याओं से इनकार न करें, उम्मीद को कम न होने दें, कमियों को दूर करने में लापरवाही न बरतें, और जैसी स्थिति है, उसी में संतुष्ट होकर न बैठ जाएं।”

असेंबली ने कहा कि हमें शासन व्यवस्था को अधिक कुशल, न्यायपूर्ण, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने का प्रयास करना चाहिए, और साथ ही “राष्ट्रीय एकजुटता” का आह्वान किया।