पटना, 10 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने आईआरसीटीसी होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह एक पुराना और मनगढ़ंत केस है, जिसे सत्ता में बैठे लोगों ने जानबूझकर बनाया है। वहीं, बिहार में बाढ़ के हालात के लिए कांग्रेस-राजद को जिम्मेदार ठहराने वाले जेडीयू सांसद संजय झा पर उन्होंने पलटवार किया और बयान को बचकाना बताया।
आईआरसीटीसी होटल मामले को लेकर राजद नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा, “यह एक पुराना और मनगढ़ंत केस है। जो लोग सत्ता में हैं, उन्होंने जानबूझकर यह केस बनाया है। इसे जबरदस्ती साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। विभाग ने खुद आज तक यह नहीं माना है कि कोई भ्रष्टाचार हुआ है। विभाग ने कभी नहीं कहा कि उसकी तरफ से कोई भ्रष्टाचार हुआ। जिस मामले को केस का आधार बताया गया, उससे होने वाला रेवेन्यू असल में रेलवे को जाता है।”
उन्होंने कहा कि पूरे मामले में स्पष्टता ये है कि सत्ता प्रतिष्ठान अपनी एजेंसियों का इस्तेमाल करके, जो उनकी नीतियों के खिलाफ हैं, उनके साथ इस तरह की कार्रवाई होती रहती है। मामला कोर्ट में है इसलिए इसका सामना तो किया ही जा रहा है। ये बहुत लंबे समय से चल रहा है, चीजें बंद हुईं और फिर चालू हुईं।
राजद नेता ने कहा कि इस देश के अंदर एक बात तो स्पष्ट है कि हर राजनीतिक दल जो भाजपा से अलग राय रखती है, उनके खिलाफ ये सब होता रहता है। इसे गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
बिहार में बाढ़ के हालात के लिए कांग्रेस और राजद को जिम्मेदार ठहराने वाले जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय कुमार झा पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद नेता ने कहा कि मुझे हैरानी है कि जल संसाधन मंत्री रह चुके किसी व्यक्ति ने ऐसा बचकाना बयान दिया है। जल-बंटवारा संधि एक अलग मुद्दा है। फरक्का बैराज एक अलग मुद्दा है और बाढ़ प्रबंधन एक बिल्कुल अलग मुद्दा है। शायद वे भूल गए हैं कि स्टैंडिंग कमेटी में उनके अपने पुराने नेता, शरद यादव, मेंबर थे। क्या वे यह भूल गए हैं?”
उन्होंने कहा कि 1975 में जल संधि हुई। नीतीश चालीसा पढ़कर ये लोग काम कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर संसद में लंबी राय रखी थी। पाला बदलने के बाद उनका बयान बदलता है।
