नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा घोटाले और उसकी जांच, सिद्धिविनायक मंदिर में कथित घोटाला, महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों वाले मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा बृजभूषण शरण सिंह को बरी करने सहित विभिन्न मुद्दों पर शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी।
बृजभूषण शरण सिंह के कोर्ट से बरी होने पर शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “मुझे इसमें कोई हैरानी नहीं लग रही है। जिस तरह से लोगों और महिला प्रदर्शनकारियों ने इतने दिनों तक विरोध किया, फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिला और उन्हें सांसद बने रहने दिया गया। जब उन्हें सांसद का टिकट नहीं मिला, तो उनके बेटे को टिकट दे दिया गया। इसलिए, यह हैरानी की बात नहीं है कि जांच में भी कमियां रही होंगी, जिसकी वजह से आज उन्हें बरी किया जा रहा है। न्यायपालिका तथ्यों और सबूतों के आधार पर काम करती है। कहीं न कहीं, जांच में जरूर कोई कमी रही होगी।”
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी द्वारा राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तो चलते ही रहते हैं। हालांकि दुख की बात यह है कि राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले में सरकार को पहल करके सीबीआई जांच करवानी चाहिए थी लेकिन वह इससे बच रही है। ऐसा क्यों किया जा रहा है और सरकार किसे बचा रही है? ये सवाल लोगों के मन में हैं। हम तो बस यही चाहते हैं कि चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच हो। यह यूपी से नहीं बल्कि पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है। देशवासी अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। इस मामले में पूरे ट्रस्ट का इस्तीफा होना चाहिए था। सरकार ने कुछ लोगों को इधर-उधर करके जनता को गुमराह करने की कोशिश की है।”
मुंबई के श्री सिद्धिविनायक मंदिर के ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर दानपेटी से 18 करोड़ की हेराफेरी के आरोप लगाए हैं। इस मुद्दे पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “अगर सिद्धिविनायक जैसे मंदिर में भी ऐसी गड़बड़ियां हो रही हैं, तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि मैं एक सवाल उठाना चाहती हूं कि एकनाथ शिंदे वहां के चेयरमैन हैं। अगर यह सब चेयरमैन की देखरेख में हो रहा है और किसी को इसकी जानकारी नहीं है और ट्रस्टी उन्हें पत्र लिख रहे हैं, तो ऐसा लगता है जैसे चोर ही चोर को पकड़ने की कोशिश कर रहे हों और इसमें लोगों का एक समूह शामिल हो। अगर ऐसा कुछ है, तो मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अनुरोध करूंगी कि वे पहल करें और जल्द से जल्द जांच बिठाएं।”

