जल निकासी में अनियमितताओं पर अहमदाबाद नगर निगम ने चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को किया निलंबित

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अहमदाबाद, 19 मई (आईएएनएस)। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने शहरभर में तूफानी जल निकासी परियोजनाओं में वित्तीय और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई का आदेश दिया है। एक सतर्कता ऑडिट में माप रिकॉर्ड और बिलिंग में विसंगतियों का पता चलने के बाद निगम ने चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही करोड़ों रुपये की वसूली के निर्देश दिए हैं।

यह कार्रवाई निगम के सतर्कता विभाग द्वारा पूर्वी क्षेत्र (ईस्ट जोन) में कई ठेकों की प्रारंभिक जांच के बाद की गई है। इस जांच में माप-पुस्तकों में फेरबदल, डुप्लीकेट प्रविष्टियां, पिछले कार्यों से कॉपी-पेस्ट किए गए रिकॉर्ड और वास्तविक साइट पर किए गए काम तथा रिकॉर्ड की गई मात्रा के बीच बेमेल जैसी अनियमितताओं की सूचना मिली थी।

इस जांच में ठेकेदार, परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) और इंजीनियरिंग अधिकारी शामिल थे। इसमें कई एजेंसियों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें विस्ट कंस्ट्रक्शन, मीरल इंफ्रास्ट्रक्चर, ध्रुवी बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, रो-गोल्ड वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, विन्सेन्ज़ो प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। साथ ही, पीएमसी जीडीपी में टीयूवी रीनलैंड (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड और आईआर क्लास सिस्टम एंड सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

एक बड़े मामले में ड्राफ्ट टीपी योजनाओं 107, 108 और 115 के तहत रामोल-हाथीजान वार्ड में तूफानी जल निकासी का काम विस्ट कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया था, जिसमें टीयूवी रीनलैंड (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड पीएमसी के तौर पर काम कर रही थी। इस काम में मापों की कथित तौर पर डुप्लीकेसी (दोहराव) और माप-पुस्तकों की प्रविष्टियों में हेरफेर का खुलासा हुआ।

इस परियोजना का मूल मूल्य 7.33 करोड़ रुपए था और इसकी स्वीकृत लागत 6.68 करोड़ रुपए थी। इसमें पहले ही 5.81 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका था।

जांचकर्ताओं ने पाया कि इस काम को आगे किसी और को सौंप दिया गया था, और जांच-पड़ताल से पहले मूल माप-पुस्तकों के पन्नों में कथित तौर पर फेरबदल किया गया था।

नगर निगम ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और वसूली की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

इसी ठेका पैकेज में विस्ट कंस्ट्रक्शन और मीरल इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच आसपास के हिस्सों में पाइपलाइन के कार्यों के लिए माप की डुप्लीकेट प्रविष्टियां पाई गईं। इसके परिणामस्वरूप अकेले विस्ट कंस्ट्रक्शन से 2.34 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही माप में पाई गई अन्य विसंगतियों के लिए भी अतिरिक्त वसूली की जाएगी।

वस्त्राल वार्ड के एक अलग मामले में, जिसमें ध्रुवी बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड शामिल है और भागीरथ कंस्ट्रक्शन के मामले में जांचकर्ताओं को तूफानी पानी और ड्रेनेज लाइन के कामों में पिछले प्रोजेक्ट के मापों की नकल और बिलिंग में अनियमितताएं मिलीं।

जांच से पता चला कि माप-पुस्तकों में कुछ एंट्रीज 2024 में पहले से किए गए कामों से मेल खाती थीं, जिसके कारण प्रोजेक्ट के कुछ हिस्सों में काम पूरा हुए बिना ही पेमेंट कर दिए गए।

नगर निगम ने इस मामले में ब्याज सहित 81 लाख रुपए से ज्यादा की वसूली का हिसाब लगाया है और मैनहोल निर्माण के मापों में गड़बड़ियों के कारण हुए अतिरिक्त नुकसान की भी पहचान की है।

जांच के नतीजों को देखते हुए नगर आयुक्त ने पूर्वी जोन इंजीनियरिंग विभाग के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबित अधिकारियों में अतिरिक्त नगर अभियंता राजेश राठवा, उप नगर अभियंता उत्कर्ष भाभोर, सहायक नगर अभियंता रमेश बारिया और सहायक अभियंता अल्पेश मकवाना शामिल हैं। उनके खिलाफ एक विभागीय जांच भी शुरू की गई है।

निगम ने पीएमसी फर्म टीयूवी रीनलैंड (इंडिया) प्रा. लिमिटेड को भी ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फर्म पर सुपरविजन और दस्तावेजीकरण में कथित लापरवाही का आरोप है, जिसमें एमपीआर, ढुलाई रिकॉर्ड, पाइप-बिछाने के रजिस्टर और दैनिक प्रगति रिपोर्ट जैसे अनिवार्य रजिस्टरों की ठीक से निगरानी न करना शामिल है।

अधिकारियों ने आगे कहा है कि जब तक चल रही जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इसमें शामिल एजेंसियों को कोई नया काम नहीं सौंपा जाएगा।

नगर निगम ने यह भी निर्देश दिया है कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और पूरे सिस्टम में सुधार के उपायों की घोषणा की है।

इन उपायों में माप-पुस्तकों के रिकॉर्ड रखने की एक संशोधित प्रक्रिया और बिल प्रोसेसिंग के लिए सख़्त प्री-ऑडिट जांच शामिल है, जिसे पहले ही एक आधिकारिक सर्कुलर के माध्यम से जारी कर दिया गया है।