SGSU Advertisement
Home खेल जम्मू-कश्मीर: बांदीपोरा में बीएसएफ ने किया ‘वुलर अल्ट्रा रन’ का आयोजन, प्रतिभागियों...

जम्मू-कश्मीर: बांदीपोरा में बीएसएफ ने किया ‘वुलर अल्ट्रा रन’ का आयोजन, प्रतिभागियों ने की सराहना

0
2

बांदीपोरा, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने रविवार को ‘रन विद बॉर्डरमेन’ थीम के तहत ‘वुलर अल्ट्रा रन’ मैराथन का आयोजन किया। बीएसएफ हेडक्वार्टर के हेलीपैड से सीमा सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर जनरल संदीप रावत ने मैराथन को हरी झंडी दिखाई।

बीएसएफ की ओर से आयोजित 50 किलोमीटर की इस अल्ट्रा रन की शुरुआत सुबह 5 बजे हुई, जिसमें हिस्सा लेने वालों में बहुत उत्साह देखा गया। इसमें जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम का मकसद फिटनेस, सामुदायिक भागीदारी और वुलर झील के संरक्षण के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में धावकों, युवाओं, बीएसएफ जवानों और स्थानीय समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया और यह दौड़ बांदीपोरा के वुलर विंटेज पार्क में समाप्त हुई।

यह पहल समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों को एक साथ लाई और एक स्वस्थ जीवन शैली व इलाके के प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा के महत्व का संदेश लोगों तक पहुंचाया।

प्रतिभागियों ने इस दौड़ के आयोजन के लिए बीएसएफ की सराहना की और कहा कि ऐसी पहल फिटनेस गतिविधियों में लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती हैं और साथ ही वुलर झील की सुरक्षा की आवश्यकता के बारे में जागरूकता भी फैलाती हैं।

एक महिला धावक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “वुलर झील में अभी जो मैराथन हो रही है, उसके लिए बीएसएफ के जवानों ने बहुत अच्छे इंतजाम किए हैं। उन्होंने बहुत अच्छी सुविधाएं दी हैं। वे वुलर झील को बढ़ावा देना चाहते हैं और हम भी इसे प्रमोट करने के लिए यहां आए हैं।”

उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि हर किसी को इसमें हिस्सा लेना चाहिए। यह फिटनेस लेवल का टेस्ट है। खासकर महिलाओं से मैं कहना चाहूंगी कि उन्हें पूरे जोश के साथ इसमें भाग लेना चाहिए। यहां का माहौल इतना अच्छा है कि जो व्यक्ति दौड़ना नहीं भी चाहता, वह भी दौड़ने के लिए प्रेरित हो जाएगा। यहां बहुत अच्छे इंतजाम किए गए हैं।”

एक वॉलंटियर ने कहा, “मैं कुछ समय से बीएसएफ के ‘बॉर्डर रन’ से जुड़ा हुआ हूं। फरवरी में मैंने बीएसएफ के ‘धोलावीरा रन’ के लिए वॉलंटियर के तौर पर काम किया था और आज मैं यहां होने वाले कार्यक्रम को होस्ट कर रहा हूं। यह सच में बहुत अच्छा लग रहा है। एक आम नागरिक के तौर पर, हमने हमेशा बीएसएफ और सशस्त्र बलों की बहादुरी के किस्से सुने और पढ़े हैं। आज उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होना और उनके साथ दौड़ पाना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है।”