कुलगाम, 4 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए हटाए जाने की वर्षगांठ से पहले कुलगाम जिले के कई युवाओं ने फैसले का समर्थन किया। युवाओं ने कहा कि इसके बाद जम्मू-कश्मीर में शांति, सुरक्षा, विकास और सामान्य जनजीवन में उल्लेखनीय बदलाव दिख रहे हैं। पहले जहां बार-बार हड़ताल, पत्थरबाजी और बंद का माहौल रहता था, वहीं अब शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिली है।
कुलगाम निवासी बासित डार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर वास्तव में देश की मुख्यधारा से जुड़ पाया है। पहले अक्सर हड़तालों के कारण स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और बाजार बंद रहते थे। विरोध-प्रदर्शन और अशांति के कारण आम लोगों का जीवन प्रभावित होता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। वर्षों बाद मुहर्रम का जुलूस निकला, लंबे अंतराल के बाद सिनेमा हॉल फिर से खुले और सबसे महत्वपूर्ण बदलाव महिलाओं की सुरक्षा के रूप में दिखाई देता है। आज रात के समय भी महिलाएं बिना किसी डर के सड़कों पर निकलती हैं, जो बदले हुए माहौल का संकेत है।
उन्होंने दावा किया कि 370 हटने के बाद कुलगाम और आसपास के क्षेत्रों में पत्थरबाजी और बंद की घटनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं। अब देर रात तक बाजार खुले रहते हैं और अस्पताल रोड जैसे इलाकों में रात एक बजे तक दुकानें संचालित होती हैं, जिससे शांति और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि स्पष्ट दिखाई देती है। 5 अगस्त को ‘ऐतिहासिक दिवस’ बताते हुए बासित ने उत्सव मनाने की भी अपील की।
कुलगाम के फहीम ने कहा कि 370 हटाए जाने की वर्षगांठ जम्मू-कश्मीर और पूरे भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन है। इस फैसले ने जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य राज्यों के समान अवसर प्रदान किए। पहले अलग व्यवस्था होने के कारण कई अधिकार और सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन अब युवाओं को शिक्षा, खेल, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में नए अवसर मिल रहे हैं। पर्यटन के विकास, सड़कों के निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार जैसे कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। प्रदेश के युवा अब पुराने दौर की अशांति और हिंसा की वापसी नहीं चाहते। अतीत में हिंसा, पथराव और ग्रेनेड हमलों जैसी घटनाओं ने अनेक युवाओं का भविष्य प्रभावित किया और अब नई पीढ़ी शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती है। वर्तमान समय में कश्मीर में अमन का माहौल है और युवा चाहते हैं कि यह वातावरण आगे भी कायम रहे।
शब्बीर अहमद ने कहा कि 370 का हटना केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं बल्कि इतिहास की महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में कई अधूरे विकास कार्य पूरे हुए। पुलों, मेडिकल संस्थानों, कॉलेजों और अन्य बुनियादी परियोजनाओं का विस्तार तेजी से हुआ। साल 2019 के बाद उद्योग, आधारभूत संरचना और अन्य क्षेत्रों में लगातार सुधार देखने को मिले हैं। साथ ही, आने वाले समय में और बेहतर परिणाम सामने आएंगे। 370 से आम लोगों को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिला था और अब प्रदेश विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ चुका है।
कुछ राजनीतिक दलों द्वारा 5 अगस्त को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाए जाने पर शब्बीर अहमद ने कहा कि यह दिन जम्मू-कश्मीर के लिए खुशी और नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती राजनीतिक दलों के शासनकाल में प्रदेश लंबे समय तक अशांति का सामना करता रहा, जबकि अब लोग विकास और स्थिरता को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुलगाम सहित जम्मू-कश्मीर के अनेक लोग अब प्रदेश में शांति, विकास और बेहतर शासन की निरंतरता चाहते हैं।

