Friday, July 10, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय जनगणना में आदिवासियों की स्वतंत्र धार्मिक पहचान के लिए सरना धर्मकोड लागू...

जनगणना में आदिवासियों की स्वतंत्र धार्मिक पहचान के लिए सरना धर्मकोड लागू करे सरकार: कांग्रेस

0
15

रांची, 19 मई (आईएएनएस)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने देश में चल रही जनगणना की प्रक्रिया में आदिवासियों की स्वतंत्र धार्मिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और झारखंड कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने मंगलवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि देश में करीब सवा करोड़ से भी अधिक लोग आदिवासी-सरना धर्म के अनुयायी हैं, लेकिन जनगणना के प्रपत्र में इनके धर्म के लिए कोड (कॉलम) नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आदिवासियों की यह दशकों पुरानी मांग है, जिसे केंद्र सरकार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नहीं चाहती कि देश में आदिवासियों की स्वतंत्र धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान स्थापित हो।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक दल के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सरना धर्म कोड के मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी। कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर देशभर में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर सूची से हटाए जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि करोड़ों मतदाताओं के नाम अवैध तरीके से हटाने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। झारखंड में भी जून महीने से चुनाव आयोग की ओर से शुरू कराए जा रहे इस अभियान पर कांग्रेस पार्टी की सतर्क निगाह रहेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी ने झारखंड में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर मतदाताओं के नाम सूची में सुरक्षित रखने का अभियान शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और बढ़ती महंगाई को लेकर भी आलोचना की।

प्रदीप यादव ने कहा कि पेट्रोल-डीजल समेत जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां छात्रों के भविष्य के लिए चिंता का विषय हैं।