जन्मदिन की तस्वीरें और अब ‘मैं नहीं जानता’, पप्पी के बयान पर मजीठिया ने उठाए सवाल

0
4

चंडीगढ़, 8 मई (आईएएनएस)। पंजाब की राजनीति में इन दिनों माहौल काफी गरमाया हुआ है। आम आदमी पार्टी (आप) एक के बाद एक सामने आ रहे विवादों को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। पहले जहां मोहाली और चंडीगढ़ से जुड़े एक मामले में ईडी की कार्रवाई ने सुर्खियां बटोरीं, वहीं अब लुधियाना से सामने आए एक नए मामले ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। इस बीच, बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मामला लुधियाना से जुड़ा है, जहां आप के विधायक अशोक पराशर पप्पी के एक करीबी सहयोगी पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि इस व्यक्ति ने दो युवकों को नगर निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे करीब 1.70 लाख रुपये की ठगी की। बताया जा रहा है कि ये दोनों युवक पहले नशा मुक्ति केंद्र और सिविल अस्पताल में काम कर रहे थे और बेहतर नौकरी की तलाश में थे। इसी दौरान उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिया गया और पैसे ले लिए गए।

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए कहा, “मुझे अपनी संगत दिखाओ, मैं तुम्हें बता दूंगा कि तुम कौन हो- यह बात अब आम आदमी पार्टी के नेताओं पर बिल्कुल फिट बैठती है।”

मजीठिया ने कहा, “कल मोहाली वेस्टर्न कोर्ट से जुड़ी ईडी की छापेमारी के दौरान पंजाब ने पहली बार ‘नोटों की बारिश’ देखी और इसमें अमन अरोड़ा का नाम भी ईडी द्वारा लिया गया। फिर भी, अमन अरोड़ा का दावा है कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।”

उन्होंने ने कहा, “इस मामले से जुड़े निखिल सभरवाल को पिछले चार सालों से हर साल लुधियाना नॉर्थ के आप विधायक अशोक पराशर पप्पी के साथ जन्मदिन मनाते हुए देखा गया है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि दोनों चम्मच से एक-दूसरे को केक खिला रहे हैं, जो उनके गहरे जुड़ाव को दिखाता है। हर साल, उन्हें एक-दूसरे को गले लगाते और जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए देखा जाता है।”

मजीठिया ने कहा, “यही निखिल सभरवाल पहले कथित तौर पर एक नशा मुक्ति केंद्र में नौकरी दिलाने के बहाने 1.7 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया था। तस्वीरों में उसे अशोक पराशर पप्पी के दफ्तर से काम करते हुए भी देखा जा सकता है। लेकिन अब पप्पी कहते हैं, “वह मेरे घर के पास रहता है, लेकिन मैं उसे नहीं जानता।” कमाल है! वह आदमी जिसने सालों तक साथ में जन्मदिन मनाए और कथित तौर पर दफ्तर से काम किया, वह अचानक “अजनबी” कैसे बन गया? पंजाब पूछता है: क्या यह महज दोस्ती थी या फिर राजनीतिक संरक्षण में कोई बड़ा खेल चल रहा था?”