जनगणना 2027: मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई

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लखनऊ, 8 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार जनगणना- 2027 को पारदर्शी, तकनीक आधारित और सटीक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण की औपचारिक शुरुआत की।

इसी क्रम में शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप के सरकारी आवास पर जनगणना-2027 के अंतर्गत स्वगणना सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

स्वगणना की इस पहल से नागरिकों को अपनी और अपने परिवार की जानकारी जनगणना पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने का अवसर मिलेगा। इसको लेकर प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वह जनगणना-2027 में उत्साहपूर्वक भाग लें और स्वगणना प्रक्रिया को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य डाटा संकलन की प्रक्रिया को तेज करना और त्रुटिहीन एवं सटीक आंकड़े प्राप्त करना है। जनगणना 2027 के प्रथम चरण यानी स्वगणना प्रक्रिया में डाटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्वगणना की 15 दिनों की अवधि पूर्ण होने के बाद 22 मई से औपचारिक मकान सूचीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।

स्वगणना 2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए योगी सरकार प्रदेश स्तर से लेकर जिला और ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाएगी। साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क और सहायता केंद्र स्थापित किए जाने के लिए भी कहा गया है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अपने-अपने स्तर पर इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही अधिक से अधिक नागरिकों को इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें।

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि जनगणना 2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। इससे प्राप्त आंकड़े राज्य की विकासपरक योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में अत्यन्त सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उच्चाधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।