जौनपुर, 8 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस के करीब आते ही देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की ग्रामीण स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाएं राष्ट्रध्वज तैयार करने के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत कुल पांच लाख तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने की जिम्मेदारी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 62 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 300 महिलाओं को दी गई है। तैयार किए जा रहे इन तिरंगों को जिले के सभी ब्लॉकों में अभियान के तहत वितरित किया जाएगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा सके।
बजरंग स्वयं सहायता समूह की सदस्य विजयलक्ष्मी मौर्या ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उनके समूह को इस बार 17 हजार तिरंगे तैयार करने का लक्ष्य मिला है। उन्होंने बताया कि समूह में 10 से अधिक महिलाएं इस काम में लगी हुई हैं। सभी महिलाएं मिलकर निर्धारित समय के भीतर लक्ष्य पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। विजयलक्ष्मी के अनुसार, इस काम से उन्हें करीब 30 से 40 हजार रुपए तक की आय हो जाती है। उनके लिए यह काम स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में योगदान देने के साथ-साथ आर्थिक रूप से मददगार भी है।
विजयलक्ष्मी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए इस तरह के काम काफी महत्वपूर्ण हैं। तिरंगा तैयार करने के दौरान महिलाएं आपस में काम बांटकर उसे समय पर पूरा करती हैं। इससे समूह की सभी सदस्यों को काम मिलता है और उनकी आमदनी में भी इजाफा होता है। ग्रामीण स्तर पर स्वयं सहायता समूहों की सक्रियता ने महिलाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्वतः रोजगार उपायुक्त जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष जौनपुर जिले को पांच लाख झंडे तैयार करने का लक्ष्य मिला है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से संकुल स्तरीय स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से काम कराया जा रहा है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में समूहों को उनकी क्षमता के अनुसार तिरंगे बनाने की जिम्मेदारी दी गई है और महिलाएं निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ा गया है। एक तिरंगा तैयार करने के लिए संकुल स्तर पर करीब 20 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रति झंडा लगभग 2 से 3 रुपए तक की राशि मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में तिरंगे तैयार करने पर महिलाओं की सामूहिक आय भी अच्छी हो जाती है।

