Saturday, August 15, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय झारखंडः जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का सरकार के खिलाफ आरपार का ऐलान, मुख्यमंत्री आवास...

झारखंडः जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का सरकार के खिलाफ आरपार का ऐलान, मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा

0
2

रांची, 15 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएसएसी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। आंदोलन के 22वें दिन शनिवार शाम को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने प्रेस वार्ता कर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा की।

मंच ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई और कहा कि सरकार को छात्रों के सवालों की जवाबदेही तय करनी होगी। मंच के प्रवक्ता रवींद्र पासवान और पीयूष कुमार ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल एवं 11वीं से 13 जेपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा रद्द नहीं की गई और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हम आंदोलन में अब भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस का रास्ता अपनाएंगे। 20 अगस्त को राज्यभर से अभ्यर्थी रांची पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र नेताओं ने बताया कि 16 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा। रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर भी छात्र बड़ी संख्या में जुटेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे।

मंच ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी पुतला दहन करने का ऐलान किया है। रवींद्र पासवान ने राहुल गांधी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन किया था, लेकिन अब उन्हें राज्य सरकार पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर आप हमारे मुद्दे के साथ हैं तो राज्य सरकार से कांग्रेस का समर्थन वापस लें। छात्रों के साथ खड़े रहने की बात कहकर उन्हें भ्रमित न करें।’

छात्र नेताओं ने कहा कि अब तक आंदोलन गांधीवादी तरीके से चलाया गया, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें आक्रामक संघर्ष के रास्ते पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

मंच ने कहा कि 20 अगस्त का मुख्यमंत्री आवास घेराव आंदोलन का बड़ा चरण होगा। इसमें राज्य के अलग-अलग जिलों से हजारों अभ्यर्थियों के रांची पहुंचने का दावा किया गया है। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।