Sunday, July 12, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय झारखंड की जेलों में 81 फीसदी पद खाली, सरकार और जेएसएससी की...

झारखंड की जेलों में 81 फीसदी पद खाली, सरकार और जेएसएससी की कार्यप्रणाली पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

0
30

रांची, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की जेलों में मैनपावर की भारी कमी पर राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को कड़ी फटकार लगाई है।

चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जेलों में रिक्त पड़े पदों को भरने में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताते हुए राज्य के गृह सचिव और जेएसएससी सचिव को 1 मई तक व्यक्तिगत शपथ पत्र के माध्यम से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का अंतिम निर्देश दिया है।

सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि सरकार और जेएसएससी की ओर से रिक्तियों को भरने के संबंध में वास्तविक जानकारी छिपाने की कोशिश की जा रही है। कोर्ट ने तल्ख लहजे में कहा कि केवल समय लेने और आश्वासन देने के नाम पर जेलों में नियुक्ति प्रक्रिया को टालना पूरी तरह अनुचित है।

अदालत ने साफ हिदायत दी कि स्टेटस रिपोर्ट गृह सचिव और जेएसएससी सचिव खुद दाखिल करें, इसे कनीय अधिकारियों के भरोसे न छोड़ें। यदि 1 मई तक दाखिल रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई, तो 7 मई को होने वाली अगली सुनवाई में दोनों अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

स्वतः संज्ञान से दर्ज इस जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कोर्ट को बताया गया कि राज्य की जेलों में स्वीकृत पदों के मुकाबले 81 प्रतिशत से अधिक पद खाली हैं। मैनपावर के इस भारी अभाव के कारण जेलों की सुरक्षा और ‘मॉडल जेल मैनुअल’ का पालन सुनिश्चित करना लगभग नामुमकिन हो गया है।

हालांकि, सरकार की ओर से दलील दी गई कि असिस्टेंट जेलर, जेल वार्डन और मेडिकल नर्सिंग स्टाफ जैसे पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं और कुछ अन्य पदों के लिए अधियाचना मांगी गई है, लेकिन कोर्ट इन दलीलों से संतुष्ट नजर नहीं आया।