रांची, 5 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट बुधवार को जारी कर दी गई है। इसमें पूर्व की वोटर लिस्ट में शामिल करीब 43.62 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इनमें मृत, डुप्लीकेट, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके, अनुपस्थित और गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले मतदाता शामिल हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम सूची नहीं है। जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची से छूट गया है, वे 5 अगस्त से 4 सितंबर के बीच आवेदन देकर अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य में 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान राज्य के कुल 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 मतदाताओं में से 2 करोड़ 21 लाख 1 हजार 249 यानी 83.51 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा किए।
बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र किए, जबकि ऑनलाइन जमा किए गए फॉर्म भी इसमें शामिल किए गए। आयोग के अनुसार, पूर्व की मतदाता सूची में 43 लाख 61 हजार 987 लोग ऐसे हैं, जिनके नाम इस ड्राफ्ट सूची में नहीं शामिल किए गए हैं। इनमें डुप्लीकेट नाम वाले 4 लाख 38 हजार 596 लोग हैं। 7 लाख 63 हजार 903 ऐसे लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। 15 लाख 92 हजार 194 मतदाता ऐसे पाए गए, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं।
14 लाख 50 हजार 810 ऐसे मतदाताओं के नाम भी इस ड्राफ्ट सूची में नहीं शामिल है, जिनके बारे में पता नहीं चल सका। 1 लाख 16 हजार 484 ऐसे लोगों के नाम भी ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं शामिल हैं, जिन्होंने गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। आयोग ने कहा कि जिन पात्र मतदाताओं का नाम वर्ष 2026 की मतदाता सूची में था, लेकिन किसी कारण से उनका गणना फॉर्म जमा नहीं हो सका, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। वे 5 अगस्त से 4 सितंबर तक घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर अपना नाम फिर से जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मतदाता अपना नाम मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट, वोटर्स पोर्टल, ईसीआईनेट मोबाइल ऐप या अपने मतदान केंद्र पर जाकर ड्राफ्ट मतदाता सूची देख सकते हैं। ड्राफ्ट सूची के साथ एएसडीडी सूची भी जारी की गई है, जिसमें उन लोगों के नाम और कारण दर्ज हैं जिन्हें मृत, डुप्लिकेट, स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में रखा गया है।
आयोग ने कहा कि इस अभियान में 24 जिलों के चुनाव अधिकारियों, 81 निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों, 29,571 बूथ लेवल अधिकारियों, 29,571 स्वयंसेवकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के 77,430 बूथ लेवल एजेंटों ने भाग लिया। मतदाताओं की सुविधा के लिए राज्य में 2,389 नए मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं। इसके बाद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 31,892 हो गई है।
निर्वाचन आयोग ने दोहराया कि ड्राफ्ट सूची से किसी भी व्यक्ति का नाम अंतिम रूप से नहीं हटाया गया है। किसी भी नाम को हटाने से पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया जाएगा, उसकी बात सुनी जाएगी और नियमानुसार फैसला लिया जाएगा। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

