रांची, 8 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड सरकार पर जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एसआईआर की प्रक्रिया को प्रभावित करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर शुरू होने से पहले ही झामुमो और कांग्रेस ने इसका विरोध किया था और अब प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक अधिकारियों के जरिए एक खास वर्ग के अधिक से अधिक नाम मतदाता सूची में जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
साहू ने कहा कि हेमंत सरकार ने प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को सरकारी सेवक नहीं, बल्कि झामुमो-कांग्रेस का पोलिंग एजेंट बनाकर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप किया जा रहा है और अधिकारियों, बीडीओ तथा सीडीपीओ के साथ राजनीतिक कार्यकर्ताओं की बैठकें कर मतदाता सूची को प्रभावित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि संथाल परगना में सामने आ रही विसंगतियां सिर्फ मतदाता सूची का मामला नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता से जुड़ा सवाल हैं।
साहू ने साहिबगंज, राजमहल और पाकुड़ के संवेदनशील इलाकों में मतदाता सूची के शत-प्रतिशत सत्यापन की मांग की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पाकुड़ के बरहरवा क्षेत्र में कथित फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के प्रयास का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि आहुत गांव में कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के प्रयास के मामले में चार लोगों और एक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। साहू ने दावा किया कि ऐसे मामलों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है और उनकी भी जांच होनी चाहिए।
साहू ने साहिबगंज जिले के राजमहल और बोरियो विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कुछ बूथों पर कुछ वर्षों के अंतराल में मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि, उम्र के विवरण में विसंगति और परिवार के सदस्यों की उम्र में बेहद कम अंतर होने का दावा किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का सत्यापन कराया जाना जरूरी है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि इन विसंगतियों के पीछे बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता सूची में बनाए रखने या उनके नाम जोड़ने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह मतदाता सूची को शुद्ध करने के पक्ष में है या संदिग्ध नामों को संरक्षण देने के।
साहू ने कहा कि भाजपा इन कथित गड़बड़ियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी पूरे मामले को सामने लाएगी और जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि नियमों के विरुद्ध काम करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
–आईएएनएस
एसएनसी/डीएससी
