रांची, 13 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड के चर्चित शराब घोटाला मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित दाखिल की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मामले की जांच में लगातार देरी हो रही है और अब तक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया है। ऐसे में सीबीआई जांच जरूरी है।
याचिका में कहा गया है कि इस मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे समेत कई हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम सामने आए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने वर्ष 2025 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। हालांकि, निर्धारित समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण सभी आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई।
याचिका में कहा गया है कि मामला दर्ज हुए करीब 14 महीने बीत चुके हैं, लेकिन जांच अब भी पूरी नहीं हुई है। आरोप है कि जांच आगे नहीं बढ़ रही है और आरोपियों के खिलाफ अब तक अदालत में आरोपपत्र भी पेश नहीं किया गया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया है कि वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ मॉडल के आधार पर झारखंड की नई शराब नीति लागू की गई थी। आरोप है कि फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर दो प्लेसमेंट एजेंसियों को काम दिया गया। इसके अलावा शराब कारोबार से जुड़ी कई निजी कंपनियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
याचिका में कहा गया है कि होलोग्राम बनाने वाली कंपनी, मैनपावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी और थोक शराब का ठेका लेने वाली कंपनी की भूमिका की भी गहन जांच की जरूरत है।
गौरतलब है कि इस मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब बाबूलाल मरांडी ने हाई कोर्ट से पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश देने की मांग की है।

