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जिले को नशे के विरुद्ध लड़ाई की मूल इकाई बनाना होगा: अमित शाह

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नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने वाले टेलीविजन कमर्शियल (टीवीसी) का लॉन्च, और लखनऊ एवं देहरादून में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। कार्यक्रम के दौरान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एएनटीएफ को सम्मानित भी किया गया।

इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री ने नए स्वरूप में तैयार एनसीबी की वेबसाइट का शुभारंभ भी किया। एनसीबी द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के साथ-साथ संबंधित सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत 5 साल से हम एक के बाद कदम उठाते हुए नशामुक्त भारत के कठिन लक्ष्य को सिद्ध करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब देश और दुनिया के लिए सबसे गंभीर खतरा बन चुके नारकोटिक्स पर कड़ा और निर्णायक प्रहार करने और सामूहिक प्रयासों से विजय प्राप्त करने का समय आ गया है। श्री शाह ने कहा कि 31 दिसंबर, 2029 तक हम भारत से नशे के व्यापार को जड़ से उखाड़कर फेंकने में सामूहिक रूप से सफल होंगे।

अमित शाह ने कहा कि विगत 5 साल में हमने कश्मीर में आतंकवाद, नॉर्थईस्ट में उग्रवाद और नक्सलवाद की समस्या जैसी कई चुनौतियों के खिलाफ सफलता हासिल की है। हमने दशकों से देश के सामने खड़ी इन बड़ी समस्याओं को भारत सरकार के गृह मंत्रालय और सभी राज्यों के सहयोग से समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई सभी लड़ाइयों में से सबसे कठिन है, लेकिन हम इस लड़ाई को छोड़ नहीं सकते। उन्होंने कहा कि 2047 में विकसित भारत बनाने, भविष्य की पीढ़ियों को बचाने और युवाओं को भारत के विकास के साथ जोड़ने के लिए हमारे सामने एकमात्र विकल्प भारत को नशामुक्त बनाना है। हमें इस समस्या के खिलाफ एकजुट होकर जुनून के साथ लड़ना होगा और विजय प्राप्त करनी होगी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 इस लड़ाई में शामिल सभी लोगों के लिए गीता के समान है। यह विजन डॉक्यूमेंट 35 से ज्यादा विभागों के साथ चर्चा के बाद बहुत मेहनत से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने सभी स्टेकहोल्डर्स के सुझाव लेकर यह कम्प्लीट रोडमैप बनाने का काम किया है, जो निश्चित लक्ष्यों के साथ सबको दिया गया है। इसमें लक्ष्य और समयसीमा भी निश्चित की गई है। गृह मंत्री ने कहा कि कुछ समय बाद इसका रिव्यू भी करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का गृह मंत्रालय या एनसीबी यह सब अकेला नहीं कर सकते। इस लड़ाई को हम सभी लोगों को टॉप प्रायोरिटी और पूरे मनोयोग के साथ लड़ना भी है और जीतना भी है।

अमित शाह ने कहा कि हमारा साझा दायित्व और संकल्प होना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियों को खोखला करने वाली नशे की इस समस्या को हम समाप्त कर दें। हमारा संकल्प होना चाहिए कि न एक ग्राम ड्रग हम दुनिया से देश में आने देंगे और न ही एक भी ग्राम ड्रग हमारे देश से दुनिया में जाएगी। उन्होंने कहा कि दुनियभर के युवाओं के कल्याण का संकल्प लेकर हमने यह रोड मैप बनाया है।

अमित शाह ने कहा कि हमें संवेदना के साथ और इसके महत्व को समझकर टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर नशा मुक्त भारत के लिए काम करना होगा। नशे से पीड़ित किसी एक युवा के मां-बाप और उसके भाई-बहन से आप एक बार मिलिए। जब तक आप उनसे नहीं मिलेंगे, तब तक इस लड़ाई के खिलाफ आप में तीव्रता नहीं उत्पन्न हो सकती। रोती-बिलखती मां, छोटी बहन और दसवीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप 10 में आने वाला लड़का, धीरे –धीरे मृत्यु की ओर जा रहा है, उसके असहाय मां-बाप यह देख रहे हैं। किसी के लिए इससे बड़ा कोई और दुख नहीं हो सकता है और हमारे लिए भी यह एक राष्ट्रीय क्षति है। एक प्रतिभाशाली बच्चा जो आने वाले दिनों में भारत के विकास में अपना योगदान देने वाला था, उसका जीवन बीच में ही समाप्त हो रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि हमारे और देश के लिए इससे बड़ा नुकसान कोई और नहीं हो सकता है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को हमें स्पष्टता के साथ लड़ना है। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई के फोकल पॉइंट्स चिन्हित किया जा चुके हैं और राज्यस्तर पर खुफिया सूचना, जांच, वित्तीय कार्यवाही, अभियोजन को एक ही दिशा में चलाने के लिए एक रोडमैप भी बन चुका हैं। अमित शाह ने कहा कि हमने पहली एएनटीएफ कॉन्फ्रेंस में संस्थागत व्यवस्था बनाई थी और उसे सुदृढ़ किया। दूसरे एएनटीएफ सम्मेलन में उस व्यवस्था को कार्यवाही में बदलने के लिए योग्यता, उसके एक्शन और एग्जीक्यूशन पर चर्चा की। आज यह तीसरा एएनटीएफ सम्मेलन इस रोडमैप को निर्णायक लड़ाई में परिवर्तित करेगा।

अमित शाह ने कहा कि हमने अब तक जो कुछ भी किया है, वह पर्याप्त नहीं है। जब तक हर स्कूल का प्रिंसिपल, गांव का पटवारी, थाने का पीएसआई, राज्य के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव और भारत सरकार के गृह सचिव तक, एक ही दिशा में काम नहीं करते हैं तब तक हमें सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज का सम्मेलन सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार हम लक्ष्य, समयसीमा और जवाबदेही तय कर संपूर्ण विजय प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब हमें मीटिंग से मिशन, रिपोर्टिंग से रिजल्ट, सीजर से नेटवर्क की समाप्ति और केस से कनविक्शन तक जाना है। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य सरकारों और भारत सरकार के सभी विभाग इस काम में नहीं लगेंगे, तब तक हम आगे नहीं बढ़ सकते।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की 140 करोड़ की जनता के सामने 15 अगस्त, 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है जब भारत पूरे विश्व में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम होगा। उन्होंने कहा कि अगर हमें इस लक्ष्य को सिद्ध करना है तो यह नशे से खोखली युवाशक्ति और भावी पीढ़ी को साथ नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और इसीलिए खतरा भी हमारे लिए दुनिया के परिप्रेक्ष्य में सबसे बड़ा है। यह हमारी जरूरत है, क्योंकि युवाओं का स्वास्थ्य, कौशल, श्रम और सोचने की क्षमता ही देश को उस लक्ष्य तक पहुंचा सकती है और इन चारों को ड्रग्स ही हानि पहुंचाता है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उभरती हुई चुनौतियां, जैसे, सिंथेटिक ड्रग्स और प्रीकर्सर केमिकल्स का डायवर्जन, कम्युनिकेशन की नई तकनीकें, डार्कनेट, ड्रग मार्केट, क्रिप्टो, डेड ड्रॉप डिलीवरी प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के लिए आउट ऑफ बॉक्स सोचने वाले अधिकारियों की एक टीम हर राज्य में बनाई जाए और सफलता को साझा कर इसे पूरे देश में लागू किया जाए।

अमित शाह ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 में चार स्तंभ हैं – इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन-आधारित एनफोर्समेंट, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग पर नियंत्रण, डिमांड और हार्म रिडक्शन और क्षमता निर्माण और समन्वय। इन चार स्तंभों में 100 से ज्यादा लक्ष्यों को विभाजित किया गया है। विजन डॉक्यूमेंट में दिए गए 1 लाख नशामुक्त मित्र के निर्धारित लक्ष्य अंतर्गत अब तक विभिन्न मंत्रालयों ने 46,780 नशामुक्त मित्र पंजीकृत कर दिए हैं और वे काम भी कर रहे हैं। इस अभियान को जमीन तक पहुंचाने के लिए नशामुक्त मित्र आने वाले दिनों में देश के 10 लाख स्कूलों, कॉलेज, इंस्टीट्यूशन्स में जाकर युवाओं को चेताएंगे और कैंपस के डायरेक्टर को सेंसिटाइज करेंगे।

उन्होंने कहा कि आज हम रोडमैप को रिजल्ट में बदलने की बात कर रहे हैं, उसके लिए अगले दो दिनों में यहां होने वाले विचार मंथन की सबसे बड़ी बात है संवेदना। हमारा लक्ष्य एएनटीएफ को एंटी नारको मिशन कमांड बनाने का होना चाहिए और मैनपावर, टेक्नोलॉजी, बजट आदि के लिए राज्यों के मुख्य सचिवों को अलग तरीके से सोचना पड़ेगा। गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार क्षमता निर्माण में तकनीक और फॉरेंसिक पर ध्यान दे रही है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि हमें जब्ती केंद्रित दृष्टिकोण रखने की जगह नेटवर्क ध्वस्त करने का लक्ष्य रखकर आगे बढ़ना चाहिए। हमारी प्राथमिकता बैकवर्ड-फॉरवर्ड इन्वेस्टिगेशन के साथ-साथ फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन और डिजिटल लिंक्स ढूंढना भी होनी चाहिए। नशे के व्यापारियों द्वारा कमाए गए पैसों पर भी हमारा प्रहार होना चाहिए। शाह ने कहा कि कार्टेल पर तीन स्तरों पर प्रहार करना है – एंट्री पॉइंट, अंतरराज्यीय डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और जिलों में लोकल सेल के नेटवर्क पर। साथ ही, जिलों को तीन क्लस्टर में बांटा जाएगा – ड्रग बनाने वाले या देश में प्रवेश देने वाले जिले, ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर वाले जिले और उपभोग वाले जिले।

उन्होंने कहा कि हमें पीआईटीएनडीपीएस का उपयोग बढ़ाना होगा क्योंकि देश में इसकी जरूरत है। इन्वेस्टिगेशन से कनविक्शन तक का पूरा रोडमैप पब्लिक प्रोसिक्यूटर्स के साथ बनाना होगा। भारत में मौजूद विदेशी आरोपियों को वापस भेजने के लिए और वे दोबारा कभी भारत न आएं, इसके लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का अभियान चलाना पड़ेगा। साथ ही विदेशों में बैठकर देश में ड्रग्स सप्लाई कर रहे भगोड़ों को पकड़कर भारत की अदालत के सामने लाना है। सीमाओं और उत्पादन केंद्रों को लक्ष्य बनाकर हमें सारे लूपहोल्स समाप्त करने पड़ेंगे। हर एएनटीएफ को इंफॉर्मेशन को एक्शनेबल इंटेलिजेंस बनाने की पूरी प्रक्रिया को अपने राज्य की पुलिस की कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना चाहिए। गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि हम नशे के खिलाफ इस लड़ाई में सफल होंगे और इसे जीत कर रहेंगे।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले राज्यों, विभागों और एजेंसियों को संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण के तहत अगले तीन वर्षों के दौरान देशभर में ड्रग्स की तस्करी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।

सम्मेलन के दौरान किए गए विचार-विमर्श से ड्रग्स नियंत्रण संबंधी कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन को और सुदृढ़ करने और देश के युवाओं को ड्रग्स से दूर रखने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। यह राष्ट्रीय आयोजन ड्रग्स के दुरुपयोग से निपटने और नशा-मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए एनसीबी तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एएनटीएफ के बीच भविष्य के लिए तैयार साझेदारी को और मजबूत करने का एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा।