मोकी (चीन), 11 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जूनियर पुरुष टीम ने एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 के फाइनल का टिकट कटा लिया है। शुक्रवार को पहले सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मलेशिया को 3-1 से हराया।
कप्तान और ड्रैग-फ्लिकर अनमोल एक्का ने एक बार फिर टीम की अगुवाई की। उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल किए, जिससे टूर्नामेंट में उनके कुल गोलों की संख्या 16 हो गई और स्कोरिंग चार्ट में उनकी शीर्ष स्थिति और मजबूत हो गई। इसके साथ ही गोलकीपर और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ विवेक लाकड़ा का प्रदर्शन भी शानदार रहा। उन्होंने कई बेहतरीन बचाव किए, जिसमें एक पेनल्टी स्ट्रोक को रोकना भी शामिल था, जिससे भारत मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहा।
डिफेंडिंग चैंपियन भारत, जो लगातार चौथी और कुल छठी बार खिताब जीतने की कोशिश कर रहा है, अब दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और साउथ कोरिया के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से भिड़ेगा। भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। अजीत यादव ने डीप डिफेंस से खेली गई लंबी गेंदों का चतुराई से पीछा करते हुए शुरुआती दो मिनटों में ही 2 बार गोल करने के करीब पहुंचे। भारत को जल्द ही तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन मलेशियाई गोलकीपर अमस्यार मोहम्मद अदीब ने कुछ अच्छे बचाव करते हुए भारत को गोल करने से रोके रखा।
शुरुआती पांच मिनटों में मलेशिया को गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने में संघर्ष करना पड़ा और वे मुख्य रूप से बचाव करने तक ही सीमित रहे। उनका पहला प्रभावी आक्रामक प्रयास 11वें मिनट में हुआ जब वे भारत के 23-यार्ड क्षेत्र में पहुंचे, लेकिन भारतीय डिफेंस सतर्क रहा और सर्कल में घुसने से पहले ही उन्हें रोक दिया।
12वें मिनट में एक टर्नओवर (गेंद का पाला बदलना) से भारत को लगभग पहला गोल मिल ही गया था, लेकिन वे इस मौके को भुना नहीं पाए। मलेशिया क्वार्टर के आखिरी मिनट में गोल के करीब पहुंचा, लेकिन सर्कल के ऊपरी हिस्से से किए गए प्रयास में न तो ताकत थी और न ही सही दिशा। पहला क्वार्टर बिना किसी गोल के समाप्त हुआ।
दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारत ने आखिरकार गतिरोध तोड़ा और 16वें मिनट में उन्हें अपना चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला। पहली बैटरी पर तैनात कप्तान अनमोल ने एक जोरदार नीचे की ओर फ्लिक मारा, जिसने अमस्यार को उनकी दाईं ओर छकाते हुए बोर्ड से टकराकर गोल में जगह बनाई और भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी।
मलेशिया ने तुरंत जवाब दिया और 17वें मिनट में लकरा को शानदार बचाव करने पर मजबूर किया। साथ ही उन्हें अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, हालांकि भारत के पहले रशर ने मलेशियाई खिलाड़ियों को रोकने के लिए एक अहम ब्लॉक किया। भारत मौके बनाता रहा। 23वें मिनट में मिले एक और पेनल्टी कॉर्नर पर डिफ्लेक्शन की कोशिश की गई, लेकिन गेंद मलेशियाई गोल के ऊपर से निकल गई।
हाफ टाइम से ठीक पहले भारत ने काउंटर अटैक पर अपनी बढ़त लगभग दोगुनी कर ली थी, लेकिन मुश्किल एंगल से लगाया गया शॉट गोल के सामने से निकल गया। भारत 1-0 की बढ़त के साथ ब्रेक पर गया। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारतीय गोलकीपर लकरा ने शानदार प्रदर्शन किया। 34वें मिनट में उन्होंने लगातार दो बेहतरीन बचाव किए और उसके कुछ देर बाद एक और अहम सेव करते हुए मलेशिया की हर कोशिश को नाकाम कर दिया।
36वें मिनट में मनमीत सिंह राय को यलो कार्ड मिला, जिसके कारण भारत को कुछ समय तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसके बाद 39वें मिनट में मलेशिया को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वह इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और गोल करने से चूक गए। मलेशिया बराबरी करने के लिए एरियल बॉल्स (हवा में उछालकर मारी गई गेंदों) का सहारा लेता रहा, लेकिन भारत का डिफेंस मजबूत बना रहा। 41वें मिनट में प्रभदीप सिंह को यलो कार्ड दिखाया गया, जिससे भारत फिर से 10 खिलाड़ियों के साथ रह गया। 45वें मिनट में मलेशिया को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उनकी वेरिएशन एक ऑफ-टारगेट स्लैप-पुश पर खत्म हुई।
आखिरकार चौथे क्वार्टर में भारत को बड़ी राहत मिली। 51वें मिनट में भारत ने मलेशिया के सर्कल में हमला किया, लेकिन पहली कोशिश में गेंद मलेशियाई डिफेंडर से टकराकर निकल गई, हालांकि भारतीय खिलाड़ियों ने तुरंत एक और हमला किया और इस बार मौका नहीं गंवाया। सुखविंदर ने बेहतरीन तरीके से मूव पूरा करते हुए गोल किया और भारत की बढ़त 2-0 कर दी।
इसके बाद लकरा ने एक और शानदार बचाव किया। 53वें मिनट में मलेशिया को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर ने तेजी से बाईं ओर डाइव लगाई और अपने ग्लव का इस्तेमाल करके उस कोशिश को नाकाम कर दिया। भारत ने तेजी से डिफेंस से अटैक में बदलाव किया और 54वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। मलेशिया ने वीडियो रेफरल के जरिए फैसले को चुनौती दी लेकिन रेफरल हार गए और पीसी का फैसला बरकरार रहा। अनमोल ने कोई गलती नहीं की और जोरदार फ्लिक से गेंद को गोलकीपर के पास से सीधे गोल में पहुंचाकर स्कोर 3-0 कर दिया।
आखिरी मिनटों में मलेशिया को लगातार कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन लकरा और भारतीय डिफेंस डटे रहे। 58वें मिनट में लकरा ने जोरदार फ्लिक पर डाइव लगाकर एक और शानदार बचाव किया। खेल खत्म होने में सिर्फ 24 सेकंड बचे थे, तभी मलेशिया को अपना आठवां पेनल्टी कॉर्नर मिला और आखिरकार एम. राहुल ने एक गोल किया। भारतीय टीम ने चौथी बार टूर्नामेंट के इतिहास में फाइनल में जगह बनाई है।
