मुंबई, 11 मई (आईएएनएस)। अभिनेत्री दीया मिर्जा एक्टिंग और पर्यावरण के प्रति लगाव को लेकर जानी जाती हैं। सोमवार को उन्होंने शायर और गीतकार कैफी आजमी की याद में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम की कुछ झलकियां शेयर की।
दीया ने इंस्टाग्राम पर इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें और वीडियोज पोस्ट किए। इसमें दीया के साथ उर्मिला मातोंडकर, शबाना आजमी, जावेद अख्तर, तन्वी आजमी और बाबा आजमी समेत कई सितारे शामिल थे।
उन्होंने लिखा, “आजमी अख्तर परिवार के साथ बिताया हर पल हमेशा बहुत खास और सीख देने वाला होता है। महान विचारक, क्रांतिकारी और शायर कैफी आजमी साहब को याद करने वाली इस खूबसूरत शाम का हिस्सा बनकर मैं खुद को बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं।”
दीया ने कार्यक्रम में शामिल सभी का आभार व्यक्त करते हुए इस शाम को ‘प्रेरणादायक’ और ‘यादगार’ बताया। उन्होंने लिखा, “कैफी साहब की एक कविता की पंक्तियां, जिन्हें मैं अक्सर याद करती हूं।”
अभिनेत्री ने कविता की पंक्ति याद करते हुए लिखा, “पक्षियों ने यूं ही शोर नहीं मचाया होगा, जरूर शहर से कोई जंगल की तरफ आया होगा। जो लोग पेड़ काट रहे थे, उन्हें यह पता था कि जब सिर पर छाया नहीं होगी, तो शरीर जल जाएगा। बहार का जश्न मनाने वालों ने शायद यह नहीं सोचा कि कांटों को भी किसी ने अपने खून से सींचा होगा। बिजली के तार पर बैठा पक्षी हंसते हुए सोचता है कि अब जंगल शायद उसका अपना नहीं रहा। जो प्यासे होकर अपने जंगल से उड़ गए, उन्हें हर मृगतृष्णा समंदर जैसी लगी होगी।”
उर्दू के एक प्रसिद्ध भारतीय प्रगतिवादी शायर, गीतकार और फिल्म लेखक कैफी आजमी अभिनेत्री शबाना के पिता थे। वे हिंदी सिनेमा में रूमानी गीतों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर अपनी शायरी के लिए जाने जाते थे। कैफी आजमी ने अपनी कलम से हिंदी सिनेमा के गानों में योगदान दिया। उन्होंने ‘कागज के फूल,’ ‘हकीकत’, ‘हीर रांझा’ जैसी फिल्मों के लिए यादगार गीत लिखे।

