कन्याकुमारी, 11 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु के कन्याकुमारी से लोकसभा सांसद विजय वसंत ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच ईरान और अन्य खाड़ी देशों में फंसे कन्याकुमारी व आसपास के जिलों के 1,000 से अधिक भारतीय मछुआरों की दुर्दशा पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया है।
लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा गया है कि रोजगार की तलाश में विदेश गए ये मछुआरे अब दहशत में हैं और गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इनमें से कई को भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
सांसद विजय वसंत ने सरकार और विदेश मंत्रालय से फंसे हुए भारतीयों को निकालने व उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया और स्थिति को मानवीय संकट बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात के बाद सोशल साइट एक्स पर लिखा, “विदेश मंत्री जयशंकर से मेरी मुलाकात हुई और मैंने उनसे अनुरोध किया कि ईरान व खाड़ी देशों में पीड़ित भारतीयों, विशेष रूप से कन्याकुमारी और आसपास के जिलों के मछुआरों को सुरक्षित रूप से भारत वापस लाया जाए।”
सांसद विजय वसंत आए दिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपना पक्ष रखते हुए केद्र सरकार को घेरते हैं और सवाल भी पूछते हैं। इसके पहले दिसंबर 2025 में भी दिल्ली में प्रदूषण को स्थगन प्रस्ताव के लिए पत्र लिखा था। सांसद ने कहा था कि दुनिया के कई देशों ने गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वैज्ञानिक और कठोर कदम उठाकर हालात सुधारे हैं। इसके साथ ही बीजिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां कभी दिल्ली से बदतर स्थिति थी लेकिन इच्छाशक्ति और ठोस कार्ययोजना के जरिए कुछ ही वर्षों में यहां की हवा को काफी हद तक स्वच्छ कर लिया गया है।
गौरतलब है कि अभिनेता से नेता बने विजय वसंत ने कोविड काल में पिता के निधन के बाद राजनीति में एंट्री की थी। विजय को कांग्रेस ने 2021 में प्रदेश महासचिव नियुक्त किया था। वहीं, इसी साल हुए उपचुनाव में विजय भाजपा के दिग्गज नेता को हराकर सांसद बने थे। विजय ने लगभग 10 फिल्मों में काम किया है। उन्होंने आखिरी बार 2022 में रिलीज हुई मेरी प्यारी लिसा नामक तमिल फिल्म में काम किया था।

