लखनऊ, 26 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए केंद्र सरकार पर सीमाओं की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, युवाओं के आंदोलन, पेपर लीक और आगामी परिसीमन को लेकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि देश को सेना के पराक्रम पर गर्व है और संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जनता को सजग रहना होगा।
समाजवादी पार्टी की ओर से रविवार को कारगिल विजय दिवस और संविधान मानस्तंभ स्थापना दिवस राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जिलों में मनाया गया। लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने कारगिल युद्ध में दोनों पैर गंवाने वाले सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट के लांस नायक राम भुवाल को शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया तथा कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अखिलेश यादव ने कहा कि 26 जुलाई भारतीय इतिहास का गौरवशाली दिन है। एक ओर देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है तो दूसरी ओर सामाजिक न्याय की भावना को आरक्षण के रूप में लागू किए जाने की याद भी इसी दिन जुड़ी है। उन्होंने कहा कि सेना अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा करती है और देश को अपने सैनिकों के साहस पर गर्व है।
उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि वर्ष 2014 से पहले और वर्तमान में देश का क्षेत्रफल कितना है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि भारत का क्षेत्रफल वैसा ही बना रहे जैसा आजादी के समय था। उन्होंने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया और मुलायम सिंह यादव हमेशा सीमाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते रहे और कारगिल युद्ध में देश की जीत सेना के अदम्य साहस की बदौलत मिली।
विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध चार वर्षों से जारी है और ईरान-अमेरिका के तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि खुद को विश्व गुरु बताने वाले समय रहते पहल करते तो युद्ध और खाद संकट जैसी स्थिति नहीं बनती।
उन्होंने दिल्ली में युवाओं के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा मुद्दों पर हारने के बाद चरित्र हनन की राजनीति करती है। उनके मुताबिक, नई पीढ़ी का यह आंदोलन स्वतःस्फूर्त था और इसमें बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के युवाओं ने भागीदारी की।
उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी भी अपनी रणनीति के तहत इस आंदोलन के साथ खड़ी रही। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया था। यूपी डायल-100, 108 एंबुलेंस सेवा, लाभार्थियों के खातों में सीधे भुगतान और लैपटॉप वितरण जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में लौटने पर स्वास्थ्य सेवाओं में भी आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा।
पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में सबसे अधिक भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सबसे पहले समाजवादी पार्टी ने उठाया था और सरकार ने इससे जुड़े सवालों को उलझाने का प्रयास किया।
विधानसभा चुनाव 2027 का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मताधिकार की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाजवादियों का लक्ष्य 2027 का विधानसभा चुनाव जीतना है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिस परिसीमन विधेयक को लाना चाहती है, उसके बाद आम चुनावों की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

