अशोकनगर, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र से सांसद और केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि करीला धाम को करीला धाम लोक के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह बातें अशोक नगर के करीला धाम परिसर मे जनजाति सम्मेलन को संबोधित करने के दौरान कहीं।
सिंधिया ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र करीला धाम को भव्य स्वरूप प्रदान करते हुए ‘करीला धाम लोक’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे न केवल करीला धाम की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चंदेरी, अशोकनगर और मुंगावली सहित आसपास के क्षेत्रों से करीला धाम तक श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम बनाने के लिए सड़क संपर्क को बेहतर किया जा रहा है।
इस मौके पर क्षेत्र में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि करीला धाम जैसे आस्था के केंद्र हमारी सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। इन्हें बेहतर सुविधाओं और सुगम आवागमन से जोड़ना क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
करीला धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और यहां आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे ‘करीला धाम लोक’ के रूप में विकसित किए जाने से धार्मिक विरासत के संरक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं में विस्तार और स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने आगे कहा कि करीला धाम तक पहुंच को सुगम बनाने के उद्देश्य से शाढ़ोरा से धाम तक लगभग 50 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। सड़क संपर्क बेहतर होने से अशोकनगर जिले के साथ चंदेरी और मुंगावली क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। बेहतर सड़क सुविधा से धार्मिक आयोजनों के दौरान आवागमन आसान होगा। इसके साथ ही क्षेत्रीय लोगों को भी आवागमन में राहत मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक एवं पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकेगा।
सिंधिया ने बताया कि शबरी आश्रम में स्थानीय विधायक निधि से 25 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन तथा 25 लाख रुपये की लागत से टिन शेड का निर्माण कराया जाएगा। इन दोनों कार्यों पर कुल 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सामुदायिक भवन बनने से सामाजिक, सांस्कृतिक और सामूहिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। वहीं, टिन शेड के निर्माण से विभिन्न आयोजनों और कार्यक्रमों के दौरान लोगों को सुविधा मिलेगी। ये कार्य स्थानीय स्तर पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
