पटना, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों (4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच मोकामा से जदयू विधायक अनंत कुमार सिंह द्वारा अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के बजाय ‘जन सुराज’ के एमएलसी उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए प्रचार करने पर नया विवाद खड़ा हो गया है।
इस मामले पर अब जदयू के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
गौरतलब है कि जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा था, “मैं उन लोगों से मिलने जा रहा हूं, जो मेरे लिए भगवान के समान हैं और उनका आशीर्वाद लेने जा रहा हूं। मैं उनसे अनुज सिंह के लिए वोट करने की अपील करुंगा। जनता ही मेरी मालिक है और वही मेरा भगवान है। मैं वोट के लिए प्रचार कर रहा हूं और मैं अपनी पार्टी में ही रहूंगा।”
अनंत सिंह के इस बयान के बाद जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि कौन क्या कर रहा है, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी ने चुनाव के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
उन्होंने कहा, “हमने सभी आठ खाली सीटों के लिए उम्मीदवार चुने हैं। अब सभी लोग इन उम्मीदवारों के लिए काम कर रहे हैं। कौन क्या कर रहा है, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। हमारा ध्यान अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने पर है।”
उन्होंने आगे कहा, “लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी है, और जदयू में आंतरिक लोकतंत्र है। हालांकि, सभी लोग नेता के फैसले को मानते हैं। नेता ने एक फैसला लिया है और एनडीए ने उसे स्वीकार कर लिया है।”
वहीं, एमएलसी चुनावों को लेकर जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने एनडीए की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि एनडीए की पार्टियां कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक के आधार पर लगातार आकलन कर रही हैं।
राजीव रंजन ने कहा, “जिन आठ निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, उन सभी में हमारे उम्मीदवार मजबूत स्थिति में हैं। जमीनी हालात बताते हैं कि हम एक बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। हमारे कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ मैदान में हैं।”
