Tuesday, August 25, 2026
spot_img
Home राष्ट्रीय केजरीवाल का भाजपा को चैलेंज: गुजरात और पंजाब के 1000-1000 सरकारी स्कूलों...

केजरीवाल का भाजपा को चैलेंज: गुजरात और पंजाब के 1000-1000 सरकारी स्कूलों का संयुक्त निरीक्षण करा लें

0
4

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि गुजरात और पंजाब के एक-एक हजार सरकारी स्कूलों की सूची तैयार कर संयुक्त निरीक्षण कराया जाए।

उन्होंने कहा कि मीडिया और जनता की मौजूदगी में दोनों राज्यों के स्कूलों की स्थिति देखी जाए और फिर तय किया जाए कि किस राज्य के सरकारी स्कूल बेहतर हैं। केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में भाजपा करीब 30 वर्षों से सत्ता में है, जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार को करीब साढ़े चार साल हुए हैं। इसके बावजूद भाजपा पंजाब के स्कूलों को बदनाम करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाने हैं तो वह गुजरात के 1000 स्कूलों की सूची दे और आम आदमी पार्टी पंजाब के 1000 स्कूलों की सूची उपलब्ध कराएगी। इसके बाद मीडिया और जनता के साथ दोनों राज्यों के स्कूलों का संयुक्त निरीक्षण किया जाए।

केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में करीब 19,700 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से लगभग 19,200 स्कूलों को उनकी सरकार ने बेहतर स्थिति में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि बाकी करीब 500 स्कूलों में भी सुधार कार्य जारी है और अगले डेढ़ से दो वर्षों में इन स्कूलों को भी बेहतर बनाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में सुधार केवल सरकार के प्रयास से नहीं हुआ, बल्कि शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और पंजाब की जनता ने मिलकर इसमें योगदान दिया है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकारी स्कूलों की शिक्षा के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। केजरीवाल के अनुसार, जब वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी, तब पंजाब की स्थिति काफी पीछे थी, लेकिन साढ़े चार वर्षों के दौरान सरकारी स्कूलों की शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकार के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत का परिणाम है।

भाजपा द्वारा पंजाब के स्कूलों से जुड़े पुराने वीडियो सामने लाए जाने पर भी केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वीडियो वर्ष 2018 के हैं और उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी। केजरीवाल ने कहा कि पुराने वीडियो दिखाकर वर्तमान सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

उनके मुताबिक, जिन स्कूलों की पुरानी स्थिति खराब थी, उनमें उनकी सरकार ने सुधार किया है। केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार की नीयत स्कूलों को बेहतर बनाने की है और यदि किसी स्कूल में वास्तविक कमी सामने आती है तो सरकार उसे दूर करने के लिए तैयार है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ दिन पहले अकाली दल समर्थक रतन ढिल्लों ने एक स्कूल की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाया था। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने उन्हें बुलाकर संबंधित स्कूल के लिए ग्रांट जारी की।

केजरीवाल के मुताबिक, बाद में रतन ढिल्लों ने भी सरकार और शिक्षा मंत्री के प्रयासों की सराहना की। आम आदमी पार्टी संयोजक ने भाजपा से पुराने वीडियो और कथित फर्जी तस्वीरों के जरिए पंजाब के स्कूलों को बदनाम नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सुधार करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है और यदि कोई वास्तविक कमी सामने आती है तो उसे ठीक किया जाएगा।

केजरीवाल ने अंत में भाजपा को फिर चुनौती देते हुए कहा कि वह 1000 स्कूल चुने और पंजाब सरकार भी 1000 स्कूल चुने। इसके बाद पूरे देश और मीडिया के सामने संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस निरीक्षण से जनता के सामने यह स्पष्ट हो जाएगा कि गुजरात की करीब 30 साल पुरानी भाजपा सरकार और पंजाब की करीब साढ़े चार साल पुरानी आम आदमी पार्टी सरकार में सरकारी स्कूलों की स्थिति और सुधार कार्य किसके बेहतर हैं।

–आईएएनएस

पीकेटी/डीएससी