Wednesday, June 3, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लॉन्च किया मिशन स्नेह जोरी, असम के...

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लॉन्च किया मिशन स्नेह जोरी, असम के मूगा रेशम उद्योग को मिलेगा नया आयाम

0
4

गुवाहाटी, 2 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम के प्रसिद्ध मूगा रेशम उद्योग के उत्थान के लिए मंगलवार को मिशन स्नेह जोरी की शुरुआत की। यह 411 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी योजना असम के लगभग 2,60,000 बुनकरों और रेशम कीट पालकों के लिए प्रगति एवं विकास का नया मार्ग प्रशस्त करेगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कपड़ा मंत्रालय के राज्य मंत्री के साथ संयुक्त रूप से इस मिशन का शुभारंभ किया गया।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में असम के मूगा रेशम उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत हुई है। यह मिशन हमारे बुनकरों और रेशम पालकों के लिए प्रगति और विकास के नए रास्ते खोलेगा। योजना में छह प्रमुख घटक शामिल हैं, जिनके माध्यम से पूरी वैल्यू चेन को नई गति दी जाएगी।”

उन्होंने कहा कि मिशन के तहत एक स्पिनिंग मिल को पुनः शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। रेशम पालन और कोकून उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नए रास्ते खोले जा रहे हैं। चार कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जो केंद्रीय प्रसंस्करण की सुविधा प्रदान करेंगे। इसके अलावा एक आधुनिक डिजिटल टेस्टिंग लैब, इनोवेशन लैब और एक टूरिज्म पार्क भी विकसित किया जाएगा। इन सुविधाओं से उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण और विपणन सभी क्षेत्रों में व्यापक सुधार होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में रेशम पालक अपनी उपज पर प्रति किलोग्राम 18,000 से 21,000 रुपये प्राप्त करते हैं। मिशन का लक्ष्य है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस आय को बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचाया जाए। पूरी टीम इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर असम को ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा, “प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पूर्वोत्तर के राज्य आर्थिक महाशक्ति बनकर उभरेंगे। हम आर्थिक क्षमताओं को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर आगे बढ़ेंगे। मूगा रेशम अपनी अनुपम चमक, मजबूती और पर्यावरण अनुकूल गुणों के कारण विश्व प्रसिद्ध है। यह योजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी।

उन्होंने कहा कि मिशन स्नेह जोरी असम की पारंपरिक कला को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास है। इससे बुनकर समुदाय की आय में वृद्धि के साथ-साथ युवाओं को उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे। यह पहल पूर्वोत्तर भारत के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इस मिशन की सफलता से असम का मूगा रेशम न केवल घरेलू बाजार बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत करेगा। बुनकरों और रेशम पालकों के सशक्तिकरण के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का यह अनूठा प्रयास प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।