तिरुवनंतपुरम, 28 जून (आईएएनएस)। देश के विभिन्न हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच भारत मौसम विज्ञान (आईएमडी) ने रविवार को कासरगोड, कन्नूर, वायनाड और कोझिकोड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और बाकी सभी दस जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी के अनुसार, 29 जून के लिए कन्नूर और कासरगोड जिलों में येलो अलर्ट है, और सात अन्य जिलों में भी येलो अलर्ट रहेगा। केरल मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 28 और 29 जून को भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर तेलंगाना और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण अभी भी सक्रिय है और समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर भी समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और म्यांमार तट के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण कमजोर हुआ है।
इन मौसमीय परिस्थितियों के प्रभाव से केरल और लक्षद्वीप में आगामी दिनों में व्यापक वर्षा की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 और 29 जून को केरल के कुछ स्थानों पर भारी (7–11 सेमी) से अत्यधिक भारी (12–20 सेमी) वर्षा की संभावना है। 27, 30 जून तथा 1 और 2 जुलाई को केरल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश (7–11 सेमी) की संभावना है। 28 और 29 जून को लक्षद्वीप में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश (7–11 सेमी) की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार 1 जुलाई तक केरल और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
वहीं, क्षेत्रीय मौसम केंद्र (आरएमसी) ने तमिलनाडु के छह जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान लगाया है। तटीय आंध्र प्रदेश से मध्य महाराष्ट्र तक फैले ऊपरी हवा के ट्रफ (गर्त) का असर दक्षिणी भारत के मौसम पर बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, ऊपरी हवा का एक ट्रफ (कम दबाव का क्षेत्र) तटीय आंध्र प्रदेश से तेलंगाना और आसपास के इलाकों से होते हुए मध्य महाराष्ट्र तक फैला हुआ है। इसके असर से अगले सप्ताह तमिलनाडु के कई हिस्सों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी और कराईकल में भी छिटपुट बारिश होने की उम्मीद है।
आरएमसी ने चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवन्नामलाई और रानीपेट जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान लगाया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारी बारिश और तेज हवाओं की वजह से जलभराव, ट्रैफिक में रुकावट और स्थानीय स्तर पर नुकसान हो सकता है।

