नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हुए हमले के मामले में अब बड़ा कानूनी एक्शन शुरू हो गया है। ईडी की शिकायत पर तिरुवनंतपुरम शहर के म्यूजियम थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह मामला उस वक्त सामने आया जब ईडी की कोच्चि जोन टीम ने सीएमआरएल (कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड) और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी।
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सार्वजनिक संपत्ति को क्षति निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई है। यह शिकायत ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर की ओर से दी गई, जिसके आधार पर केरल पुलिस ने मामला दर्ज किया।
एफआईआर के मुताबिक, इस हमले में सिर्फ ईडी अधिकारी ही नहीं, बल्कि सीआरपीएफ और केरल पुलिस के जवान भी पीड़ित बने हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि हमले में शामिल करीब 300 लोगों की पहचान की जा सकती है। अब पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है।
दरअसल, बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल और बेंगलुरु में कुल 10 जगहों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल), उसके निदेशकों और वीणा से जुड़े परिसरों में की गई। छापेमारी के दौरान कोट्टायम, एर्नाकुलम, कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु के ठिकानों से कई अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड और बैंक एफडी बरामद किए गए।
ईडी ने इस कार्रवाई के दौरान करीब 242 बैंक खातों में मौजूद 18.36 करोड़ रुपए भी फ्रीज किए हैं। एजेंसी का दावा है कि जांच में कई महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं।
तिरुवनंतपुरम में वीणा और पिनराई विजयन के आवास पर कार्रवाई पूरी होने के बाद ईडी टीम पर हमला हुआ। एजेंसी के मुताबिक, कुछ लोगों ने ईडी की गाड़ियों पर ईंट और लोहे की रॉड से हमला किया। इस दौरान एक ड्राइवर की आंख में चोट भी आई। अब इस पूरे मामले ने केरल की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।

