Tuesday, August 25, 2026
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खनिज संबंधी एमएमडीआर संशोधन बिल झारखंड के आर्थिक अधिकारों पर चोट : सुबोधकांत सहाय

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रांची, 25 अगस्त (आईएएनएस)। संसद से हाल में पारित खनिज संसाधनों से जुड़े एमएमडीआर संशोधन बिल को लेकर झारखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर राज्य के आर्थिक और खनिज अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए बिल का विरोध किया है।

रांची स्थित कांग्रेस मुख्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। सुबोधकांत सहाय ने कहा कि एमएमडीआर संशोधन बिल के जरिए केंद्र सरकार झारखंड के करीब साढ़े तीन करोड़ लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि खनिज संसाधनों से राज्य को मिलने वाले करीब 14 हजार करोड़ रुपये के सेस पर केंद्र सरकार की नजर क्यों है? उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष के बजट में इस अतिरिक्त कर से मिलने वाली राशि का प्रावधान किया है। ऐसे में यदि यह राशि राज्य को नहीं मिलती है तो इसका सीधा असर जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा।

उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में राज्य की विकास योजनाएं कैसे संचालित होंगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अपने फैसले में राज्यों के खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। इसके बावजूद केंद्र सरकार संख्या बल के आधार पर लोकसभा में एमएमडीआर संशोधन बिल पारित करा दिया है। संशोधन के कारण झारखंड को 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होता है, तो इसकी भरपाई कौन करेगा? क्या केंद्र सरकार इसकी गारंटी लेगी?

कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने कहा कि खनिज राजस्व में कमी का असर राज्य के बजट पर पड़ेगा और इससे पेयजल सहित कई जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की स्थापना यहां के लोगों के अधिकारों और समस्याओं को ध्यान में रखकर हुई थी। ऐसे में राज्य के आर्थिक हितों से जुड़े किसी भी फैसले पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने झारखंड के भाजपा सांसदों से भी अपील की कि वे राज्य के हित में एमएमडीआर संशोधन बिल के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी सरकार या राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि झारखंड के लोगों के आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा विषय है।

सुबोधकांत सहाय ने दावा किया कि राज्य के राजस्व और बजट पर प्रतिकूल असर पड़ने से पुलिसिंग और विकास योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में जमीन अधिग्रहण और खनन गतिविधियों से जुड़े मामलों में केंद्रीय बलों की भूमिका बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा कि एमएमडीआर संशोधन बिल के खिलाफ कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन करेगी।