किडनी को स्वस्थ रखने में मददगार धनुरासन, शरीर को अंदर से बनाता है मजबूत

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नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। किडनी हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को साफ करने, शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने और पानी के संतुलन को बनाए रखने का काम करती है। अगर किडनी सही तरीके से काम न करे तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ने लगता है। थकान, सूजन, पेशाब से जुड़ी दिक्कतें और शरीर में कमजोरी जैसी समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय योग करने की सलाह देता हैं। तमाम योगासनों में धनुरासन को काफी लाभकारी माना जाता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, धनुरासन शरीर को लचीला बनाता है। साथ ही पेट, रीढ़, फेफड़ों और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को भी फायदा पहुंचाता है। इस योगासन में शरीर धनुष के आकार में होता है। जब व्यक्ति धनुरासन करता है तो पेट और कमर के आसपास के हिस्से में खिंचाव और हल्का दबाव बनता है। यही प्रक्रिया किडनी के लिए फायदेमंद मानी जाती है।

धनुरासन करते समय शरीर पीछे की ओर मुड़ता है, जिससे पेट और पीठ के बीच स्थित अंग सक्रिय होते हैं। इस दौरान किडनी के आसपास ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने लगता है। जब किसी अंग तक खून का प्रवाह सही तरीके से पहुंचता है तो उसे ऑक्सीजन और पोषण बेहतर मात्रा में मिलता है। इससे किडनी की कार्यप्रणाली सही बनी रहती है।

धनुरासन तनाव को कम करता है। तनाव का असर सीधे हार्मोन और ब्लड प्रेशर पर पड़ता है, जिसका असर किडनी पर भी दिखाई दे सकता है। ऐसे में नियमित धनुरासन का अभ्यास दिमाग को शांत रखने और शरीर के अंदरूनी अंगों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मददगार हो सकता है।

धनुरासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में मदद करता है और लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे पीठ और कमर की अकड़न कम होती है। यह सांस लेने की क्षमता को भी बेहतर बनाता है।

इसके अलावा, धनुरासन पेट के हिस्से में होने वाला खिंचाव पाचन क्रिया को भी बेहतर करता है। यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जिससे कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। यह शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है।

हालांकि, आयुष मंत्रालय सलाह देता है कि जिन लोगों को कमर दर्द, हर्निया, हाई ब्लड प्रेशर या पेट से जुड़ी गंभीर समस्या हो, तो उन्हें डॉक्टर या योग प्रशिक्षक की सलाह लेकर ही इसका अभ्यास करना चाहिए।