किरण मोरे की देखरेख में हुई ‘बियॉन्ड रीच प्रीमियर लीग’ दिल्ली-एनसीआर की ट्रायल

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गाजियाबाद, 21 मई (आईएएनएस)। गाजियाबाद में हाई-टेक वर्ल्ड स्कूल के पास, ट्राइडेंट क्रिकेट अकादमी में बियॉन्ड रीच प्रीमियर लीग (बीआरपीएल) का ट्रायल 20 और 21 मई को हुआ। इसमें भाग लेने के लिए दिल्ली-एनसीआर के हजारों क्रिकेटर पहुंचे थे। ट्रायल के दौरान क्रिकेटरों में जबरदस्त उत्साह दिखा।

इस ट्रायल के माध्यम से बीआरपीएल ने जमीनी स्तर पर टेनिस-बॉल क्रिकेट की प्रतिभा को पहचानने और निखारने के अपने मिशन को जारी रखा।

भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर और बीआरपीएल लीग कमिश्नर, किरण मोरे ने ट्रायल्स की देखरेख की और चयन प्रक्रिया के दौरान भाग लेने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखी।

खिलाड़ियों का मूल्यांकन कई कौशल पैमानों पर किया गया, जिनमें बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग, फिटनेस, स्वभाव और मैच की समझ शामिल थे। बीआरपीएल का मुख्य ध्यान ऐसे होनहार प्रतिभाओं को पहचानने पर था, जो पेशेवर रूप से व्यवस्थित टेनिस-बॉल क्रिकेट के माहौल में बेहतरीन प्रदर्शन करने में सक्षम हों।

ट्रायल्स के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, बियॉन्ड रीच प्रीमियर लीग के सह-संस्थापक और सीईओ, सुशील शर्मा ने कहा, “दिल्ली ट्रायल्स के दौरान हमें जो प्रतिक्रिया मिली, वह सचमुच जबरदस्त थी। दिल्ली-एनसीआर और आस-पास के अलग-अलग हिस्सों से आकर भाग लेने वाले खिलाड़ियों का जुनून, ऊर्जा और समर्पण देखना बहुत प्रेरणादायक था। बीआरपीएल के जरिए हम ठीक इसी तरह का क्रिकेट इकोसिस्टम बनाना चाहते हैं।”

ट्रायल्स के बारे में किरण मोरे ने कहा, “बीआरपीएल दिल्ली ट्रायल्स के दौरान खिलाड़ियों में इतनी जबरदस्त भागीदारी और उत्साह देखकर बहुत अच्छा लगा। जमीनी स्तर पर बहुत सारी प्रतिभा मौजूद है। बीआरपीएल जैसे मंच इन खिलाड़ियों को सही दिशा, अनुभव और आत्मविश्वास देने में बहुत अहम भूमिका निभा सकते हैं। कई खिलाड़ियों ने शानदार कौशल और बेहतरीन प्रदर्शन करने का जबरदस्त जज्बा दिखाया।”

बियॉन्ड रीच प्रीमियर लीग को इस सोच के साथ शुरू किया गया है कि टेनिस-बॉल क्रिकेट को एक पेशेवर रूप से प्रबंधित खेल इकोसिस्टम में बदला जाए। इसके लिए व्यवस्थित टूर्नामेंट, प्रतिस्पर्धी अनुभव, डिजिटल पहचान और पेशेवर प्रबंधन को एक साथ जोड़ा गया है।