कोलकाता पोर्ट सीट पर फिर चला टीएमसी का जादू, फिरहाद हकीम जीते

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कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की कोलकाता पोर्ट विधानसभा सीट का परिणाम आ गया है। इस सीट से टीएमसी के फिरहाद हकीम ने 56,080 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। चुनावी नतीजों के साथ ही यह सीट एक बार फिर राज्य की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गई है, जहां लंबे समय से टीएमसी का दबदबा बना हुआ है।

टीएमसी के फिरहाद हकीम को 1,01,226 वोट मिले, वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राकेश सिंह को 45,146 वोट मिले। इसके अलावा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के फैयाज अहमद खान को महज 2571 वोट मिले।

कोलकाता दक्षिण लोकसभा क्षेत्र के सात हिस्सों में शामिल यह सामान्य कैटेगरी सीट शहरी राजनीति का एक अहम चेहरा मानी जाती है। 2011 के बाद से यहां तृणमूल कांग्रेस लगातार जीत दर्ज करती रही है, और पार्टी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। वह राज्य सरकार में मंत्री रहने के साथ-साथ 2018 से कोलकाता के मेयर भी हैं। 2011 से इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा मजबूत होता गया। उसी साल फिरहाद हकीम ने पहली बार जीत दर्ज की, और उसके बाद 2016 व 2021 में भी उन्होंने अपने जीत के अंतर को लगातार बढ़ाया।

लोकसभा चुनावों के आंकड़े भी इसी रुझान की पुष्टि करते हैं। 2009 से इस क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस लगातार बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, 2014 में भाजपा ने चुनौती पेश की, लेकिन 2019 और 2024 में तृणमूल ने फिर से अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भाजपा यहां दूसरे स्थान पर बनी हुई है।

इस सीट का इतिहास भी उतना ही दिलचस्प है। 1952 से 2006 तक यह क्षेत्र गार्डन रीच सीट के नाम से जाना जाता था, जहां 14 विधानसभा चुनाव हुए। शुरुआती दशकों में यहां कांग्रेस का दबदबा रहा। इस सीट से कांग्रेस ने आठ बार जीत दर्ज की, जबकि लेफ्ट पार्टियों ने छह बार जीत दर्ज की। डीलिमिटेशन के बाद 2011 में इसका नाम बदलकर कोलकाता पोर्ट कर दिया गया और कोलकाता नगर निगम के 13 वार्डों को शामिल कर इसे नया स्वरूप दिया गया।

डेमोग्राफिक रूप से यह सीट भी काफी महत्वपूर्ण है। 2024 के आंकड़ों के मुताबिक यहां 2 लाख से ज्यादा मतदाता हैं, जिनमें मुस्लिम समुदाय करीब 51.80 प्रतिशत के साथ सबसे बड़ा वोट बैंक है। वहीं, भौगोलिक रूप से यह एक घनी शहरी सीट है, जिसमें गार्डन रीच, मेटियाब्रुज, किडरपोर और खिदिरपुर जैसे इलाके शामिल हैं। हुगली नदी के किनारे बसे इस क्षेत्र की पहचान पोर्ट, शिपयार्ड, डॉक और वेयरहाउस से होती है।