Sunday, July 12, 2026
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कुछ लोग राजनीतिक तौर पर भगवान राम के नाम का फायदा उठाने की कोशिश में हैं: कुणाल घोष

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कोलकाता, 12 जुलाई (आईएएनएस)। टीएमसी विधायक और राज्य महासचिव कुणाल घोष ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बारुईपुर दौरे और राम मंदिर चढ़ावा विवाद समेत कई मामलों पर प्रतिक्रिया दी।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले पर कुणाल घोष ने कहा कि भगवान राम सबके हैं, लेकिन राजनीतिक रैली से ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया जाता है तो वो मुद्दा बन जाता है। जब हम कोई राजनीतिक रैली करते हैं तो देवता का नाम नहीं लेते हैं। राम जी सबके हैं, लेकिन जब राजनीतिक नारा लगाया जाता है तो ऐसा लगता है कि कुछ लोग राजनीतिक तौर पर भगवान राम के नाम का फायदा उठाने की कोशिश में हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुणाल घोष ने कहा कि बारुईपुर में बहुत दुखद घटना हुई थी। हादसे के बाद मुख्यमंत्री वहां गए थे। देश के कई राज्यों में भाजपा की सरकार है। उन राज्यों में भी महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के एक दिन बारुईपुर जाने से क्या होगा? इस मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं।

पश्चिम बंगाल में यूसीसी ड्राफ्टिंग कमिटी को लेकर कुणाल घोष ने कहा कि देश में कई धर्मों को मानने वाले लोग हैं। मेरा मानना है कि जिसके जो रीति-रिवाज है, उसमें अगर कुछ बदलाव करना है तो सबको एक साथ लेकर, सबकी सहमति से होना चाहिए। हमारी पार्टी देख रही है, सरकार की ओर से जो भी बताया जाएगा, इसको भी देखेंगे।

भाजपा के घोषणापत्र को लागू करने के दावों पर कुणाल घोष ने कहा कि वो अपने एजेंडे पर बात करेंगे। भाजपा शासित राज्यों में क्या हुआ था। उन्होंने कहा कि असामाजिक और गुंडों के खिलाफ हम सभी लोग हैं। लेकिन यहां पर असामाजिक बिल क्यों लाया जा रहा है। क्या बीएनएस में कोई कमी थी? असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए देश में कानून है। फिर इसकी क्या जरूरत थी?

अभिषेक बनर्जी की आवाज की जांच को लेकर कुणाल घोष ने कहा कि उनकी आवाज की जांच की जा चुकी है।

रितब्रत बनर्जी की टीएमसी में नियुक्ति को लेकर कुणाल घोष ने कहा कि उनका कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि टीएमसी ममता बनर्जी की है। जो लोग ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के हस्ताक्षर से पार्टी के उम्मीदवार बन गए थे और पार्टी के अकाउंट से रुपया लेकर चुनाव लड़े थे, उन लोगों की ओर से आज बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं।

आयुष्मान कार्ड को लागू करने को लेकर कुणाल घोष ने कहा कि इस राज्य में स्वास्थ्य साथी कार्ड पहले से लागू किया गया था, जो सभी के लिए लागू होता था। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत की सुविधा सभी लोगों को नहीं मिल पाएगी। यह बात आज क्यों बोली जा रही है? आयुष्मान भारत को लेकर गलत जानकारी दी गई।