Sunday, August 16, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति सीट बदलने से स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होना वैचारिक दिवालियापन:...

सीट बदलने से स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होना वैचारिक दिवालियापन: गौरव वल्लभ

0
2

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन की सराहना करते हुए महिला आरक्षण, युवाओं, नक्सलवाद और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कही गई बातों का समर्थन किया। उन्होंने विपक्षी दलों से महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में किसी तरह की बाधा नहीं डालने की अपील करने वाले प्रधानमंत्री के संदेश को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शामिल नहीं होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

गौरव वल्लभ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से देश की मातृशक्ति, माताओं और बहनों के अधिकारों के बीच अड़चनें नहीं डालने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार देना ही 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिन विपक्षी दलों ने पहले महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध किया, वे प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद अपनी सोच बदलेंगे और महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के रास्ते में बाधा पैदा करने की राजनीति समाप्त करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ संबंधी बयान का समर्थन करते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि जो लोग दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ बताते हैं, वे मानसिक रूप से भारत और उसके विकास के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग विदेशी धरती पर भारत विरोधी ताकतों से मिलते हैं या भारत के शत्रु देशों से फंडिंग लेते हैं, वे ही देश की विकास यात्रा के खिलाफ हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है, ताकि भारत के विकास और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में कोई बाधा न आए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 के विकसित भारत के संकल्प में युवाओं को सबसे मजबूत आधार बताया है। उन्होंने एक करोड़ युवाओं को एआई ट्रेनिंग देने की बात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने चिप से शिप तक भारत की क्षमता बढ़ाने और 2036 में ओलंपिक की मेजबानी की तैयारियों को लेकर देश के सामने एक व्यापक विजन रखा। लाल किले से पीएम मोदी ने युवाओं, महिलाओं, किसानों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को आगे बढ़ाने की सरकार की प्राथमिकताओं का खाका देश के सामने रखा।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के शामिल नहीं होने पर गौरव वल्लभ ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल के नेता को स्वतंत्रता दिवस के सबसे बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई नेता सीट बदलने की वजह से लाल किले के कार्यक्रम में शामिल नहीं होता है तो यह वैचारिक कमजोरी को दर्शाता है। वल्लभ ने इसे वैचारिक दिवालियापन बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे देश का पर्व है।

गौरव वल्लभ ने आगे कहा कि कांग्रेस नेताओं की अनुपस्थिति उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के कार्यक्रम में शामिल नहीं होना छोटी मानसिकता का परिचय है। उन्होंने कहा कि देश और संविधान से जुड़े इतने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर राजनीतिक मतभेदों को पीछे रखकर सभी दलों को साथ खड़ा होना चाहिए।