नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। भारत और कुवैत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुलाकात हुई। इस दौरान टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने तथा क्षेत्रीय शांति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया।
कुवैत में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कुवैत राज्य में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने मंगलवार को कुवैत के अमीरी दीवान मामलों के मंत्री शेख हमद जाबेर अल-अली अल-सबाह से मुलाकात की।
इस दौरान भारत और कुवैत के बीच दोस्ती और लोगों के बीच मजबूत रिश्तों को पक्का करते हुए उन्होंने इलाके के डेवलपमेंट पर चर्चा की। उन्होंने दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुवैत दौरे के नतीजों का रिव्यू किया। साथ ही, उन्होंने टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन जैसे उभरते हुए क्षेत्रों सहित सहयोग के मुख्य क्षेत्रों में स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
राजदूत ने कुवैत के साथ भारत की एकजुटता और बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपने सपोर्ट को दोहराया, और इलाके में शांति, स्थिरता और ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी बनाए रखने के लिए होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और बिना रुकावट के नेविगेशन पक्का करने की तुरंत जरूरत पर जोर दिया।
कुवैत के अमीरी दीवान मामलों के मंत्री शेख हमद जाबेर अल-अली अल-सबाह ने मंगलवार को भारत के साथ-साथ क्यूबा और चीन के राजदूतों से भी मुलाकात की। मुलाकात से पहले मंत्री ने सभी राजदूतों का जोरदार स्वागत किया।
भारत और कुवैत के संबंधों की बेहतरी के लिए राजदूत परमिता त्रिपाठी बैठकों में शामिल होकर भारत का पक्ष मजबूत करती रही हैं।
भारत-कुवैत द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने के प्रयास में बीते वर्ष 2025 में राजदूत परमिता त्रिपाठी ने देश के उप विदेश मंत्री, शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह, से मुलाकात की थी।
उस दौरान दोनों पक्षों ने भारत और कुवैत के बीच रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने और आपसी हित के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के तरीकों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान, भारतीय संघों के बीच बातचीत और जुड़ाव को मजबूत करने तथा कुवैत में भारतीय समुदाय की भलाई और कल्याण को बढ़ाने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

