लेम्बोर्गिनी हादसे पर गरमाई सियासत : मंत्री अनिल राजभर बोले- ‘जुर्म करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई’

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कानपुर, 12 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कानपुर में चर्चित लैंबोर्गिनी हादसे में पुलिस ने तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि घटना के समय वही कार चला रहा था, जिसके बाद सियासी पारा भी गरमा गया है।

कानपुर लेम्बोर्गिनी हादसे में शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी पर मंत्री अनिल राजभर ने आईएएनएस से कहा, “सरकार जीरो-टॉलरेंस पर काम कर रही है और इसे कोई नहीं रोक सकता। जो कोई भी जुर्म करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी और सरकार यह पक्का करने के लिए पक्की है। हम हमेशा अपना वादा पूरा करेंगे।”

भाजपा विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश में कानून अच्छे से काम करता है और कोई भी इसे ओवरराइड नहीं कर सकता, चाहे वे कितने भी ताकतवर क्यों न हों।”

भाजपा सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा, “ये अमीर लोग गरीबों और आम लोगों के साथ चींटियों जैसा बर्ताव करते हैं। अगर कुछ लोग मर भी जाते हैं, तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर उन्होंने कोई गलती की है और पकड़े गए हैं, तो सब कुछ सीसीटीवी में दिख रहा है। सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और जो लोग घायल हुए हैं या जिनकी जान गई है, उन्हें पूरा मुआवजा देना चाहिए। पीड़ितों को सरकारी मदद भी मिलनी चाहिए।”

शिवम मिश्रा के वकील नरेंद्र यादव ने कहा, “बेल एप्लीकेशन तैयार है। उन्हें पारस हॉस्पिटल, सिंगपुर में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने शिवम मिश्रा को गलत तरीके से गिरफ्तार किया है। वह कार नहीं चला रहे थे।”

शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी पर, डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “आज, जानकारी मिली कि वह कानपुर आया है। उसके आधार पर, हमारी टीमें एक्टिव हो गईं और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया है।”

बता दें कि 8-9 फरवरी को वीआईपी रोड, ग्वालटोली इलाके में लेम्बोर्गिनी कार ने तेज रफ्तार में कई वाहनों और राहगीरों को टक्कर मारी थी। हादसे में छह लोग घायल हुए। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद साफ हुआ कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।

मामला हाई प्रोफाइल होने और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा था। सीसीटीवी फुटेज ने केस को मजबूत किया और शिवम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। अब गिरफ्तारी के बाद मामला कोर्ट में पेश किया गया है।