SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय एलजी लिसनिंग पोस्ट नए पते पर शिफ्ट किया गया, उपराज्यपाल ने लिखा-अपने...

एलजी लिसनिंग पोस्ट नए पते पर शिफ्ट किया गया, उपराज्यपाल ने लिखा-अपने विचार और चिंताएं हमारे साथ साझा करते रहें

0
4

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से एलजी लिसनिंग पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की गई है।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “दिल्ली के नागरिकों के लिए एक अपडेट, एलजी लिसनिंग पोस्ट अब एक नए पते पर शिफ्ट हो गया है। उन्होंने नया लिंक सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने लिखा, “अपने विचार और चिंताएं हमारे साथ साझा करते रहें, क्योंकि हम मिलकर एक ज्यादा जवाबदेह और विकसित दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं।”

बता दें कि दिल्ली के लोगों की शिकायतें अब तेजी से सुनी और सुलझाई जा रही हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने जनवरी से जून 2026 तक सिर्फ 6 महीने में 85 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतों का निपटारा कर दिया है। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के ‘जनता पहले’ वाले निर्देशों के बाद डीडीए ने अपने काम करने का तरीका बदला। नतीजा ये हुआ कि साल की शुरुआत में डीडीए के पास लंबित शिकायतों की संख्या 22,946 थी, जो जून के अंत तक घटकर सिर्फ 3,167 रह गई।

डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान सीपीजीआरएएमएस, एलजी लिसनिंग पोस्ट, सीएम जनसुनवाई, डीआरएमएस, मोबाइल 311 और समस्या निदान सेवा जैसे अलग-अलग प्लेटफॉर्म से आई कुल 19,779 शिकायतों का समाधान किया गया।

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पदभार संभालते ही सभी विभागों को कहा था कि काम में पारदर्शिता लाएं और जनता की समस्याओं को जल्दी सुलझाएं ताकि ‘विकसित दिल्ली’ का लक्ष्य पूरा हो सके। डीडीए के अधिकारियों के साथ हुई पहली बैठक में ही उन्होंने खास तौर पर कहा था कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और तुरंत निपटारा किया जाए।

शिकायतें कम करने के लिए डीडीए ने हर कामकाजी सोमवार और गुरुवार को ‘जनसुनवाई’ शुरू की। इस दिन बिना किसी अपॉइंटमेंट के आम लोग सीधे डीडीए दफ्तर आकर अपनी बात रख सकते हैं। डीडीए के उपाध्यक्ष ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिकायतों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दें। समय-समय पर समीक्षा बैठकें होती हैं और फील्ड यूनिट से लगातार फॉलोअप लिया जाता है ताकि कोई भी मामला ज्यादा दिनों तक लटका न रहे।