नोएडा, 1 जुलाई (आईएएनएस)। नोएडा के सेक्टर-49 थाने की पुलिस ने राह चलते लोगों को कार में बैठाकर लूटपाट करने और मोबाइल का लॉक खुलवाकर बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पीड़ित का लूटा गया आईफोन -16, स्मार्ट वॉच, चार्जर, आधार कार्ड, 2,300 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, 29 जून को एक व्यक्ति ने थाना सेक्टर-49 में शिकायत दर्ज कराई थी कि सेक्टर-50 क्षेत्र में कुछ लोगों ने उसे अपनी कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन, चार्जर, पावर बैंक और नकदी छीन ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित को धमकाकर उसके मोबाइल का लॉक खुलवाया और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से उसके बैंक खाते से अपने खातों में धनराशि स्थानांतरित कर ली। पीड़ित की शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-49 में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया। मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से 30 जून 2026 को पुलिस ने सेक्टर-50 के सामने से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित, नितिन, विवेक और ऋषि के रूप में हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं, जबकि इनमें से एक आरोपी वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-141 में रह रहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आपस में मित्र हैं और पहले दिल्ली-एनसीआर में कार चलाने तथा मजदूरी का काम करते थे। जल्दी और अवैध तरीके से पैसा कमाने के लालच में उन्होंने इस तरह की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। आरोपी राह चलते लोगों को लिफ्ट देने के बहाने अपनी कार में बैठाते थे। इसके बाद उनका मोबाइल, नकदी और अन्य सामान लूट लेते थे। यदि मोबाइल में बैंकिंग ऐप मौजूद होता था तो पीड़ित को डराकर उसका लॉक खुलवाते और उसके बैंक खाते से अपने खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
इस मामले में थाना सेक्टर-49 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने नोएडा, दिल्ली या एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस गिरोह से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।

