बेंगलुरु, 28 फरवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मैंगलोर सब-जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। ईडी ने 27 फरवरी 2026 को मैंगलोर के स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में रोशन सलदाना, डैफनी नीतू डिसूजा, सुनील फेराओ, जी रवि, मेसर्स याहवीवी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स डुबोइस प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है।
यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत है, जिसमें लोन दिलाने के नाम पर कारोबारियों से ठगी का आरोप है। जांच के अनुसार, आरोपी रोशन सलदाना (मुख्य आरोपी) और उनकी पत्नी डैफनी नीतू डिसूजा सहित अन्य लोगों ने अक्टूबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच विभिन्न बिजनेसमैन से कम ब्याज दर पर बड़े लोन दिलाने का लालच दिया।
उन्होंने स्टाम्प ड्यूटी के बहाने पैसे इकट्ठा किए, लेकिन वादे के मुताबिक लोन नहीं दिए। कुल मिलाकर लगभग 49.45 करोड़ रुपए का फंड विभिन्न कारोबारियों से जुटाया गया। यह रकम नई बनाई गई डमी कंपनियों जैसे अक्षय एजेंसीज, बालाजी एंटरप्राइजेज, याहवीवी वेंचर्स आदि के माध्यम से जमा की गई।
पीएमएलए जांच में सामने आया कि ठगी की गई रकम का इस्तेमाल आरोपी ने वादा किए लोन के लिए नहीं किया, बल्कि निजी खर्चों, अपने बिजनेस और नकली कंपनियों के जरिए निकाल लिया। जांच एजेंसियों ने जून-जुलाई 2025 में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत केस शुरू किया था।
5 अगस्त 2025 को पीएमएलए सेक्शन 17 के तहत मैंगलोर में 5 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसमें 9.5 करोड़ रुपए के आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए, और बैंक अकाउंट्स और मछली पकड़ने वाली नावों को फ्रीज किया गया। आगे की जांच में 1.5 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का पता चला। 6 नवंबर 2025 को पीएमएलए सेक्शन 5 के तहत 2.85 करोड़ रुपए की संपत्ति (मुख्य रूप से रोशन सलदाना की रिहायशी संपत्ति और बैंक अकाउंट) को प्रोविजनल अटैच किया गया था।
प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट पीएमएलए सेक्शन 3 (मनी लॉन्ड्रिंग) के तहत अपराध और सेक्शन 4 के तहत सजा के प्रावधानों के आधार पर दाखिल की गई है। आरोपी ठगी की रकम को वैध दिखाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे।

